PoK Firing on Protesters: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प के बाद फायरिंग की खबर सामने आई है. अलग-अलग दावों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही है. स्थानीय संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने कई लोगों के मारे जाने का दावा किया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 17 बताई गई है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
फायरिंग के बाद पूरे इलाके में तनाव
स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए.
हालात को देखते हुए रावलकोट और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. फिलहाल मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है.
PoJK Update 🚨 11 killed in Pakistani Ranger & FC firing, 38 injured.
— Shivank Mishra (@shivank_8mishra) July 27, 2026
Protestors gathered back at Eidgah Ground Rawalakot with the injured, alleging that Pakistani Rangers and FC personnel had taken control of the Combined Military Hospital (CMH) in Rawalakot and were denying… https://t.co/u9qK0gNoIP pic.twitter.com/utMoSDvWUP
JAAC ने जारी की नामों की सूची
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने एक सूची जारी कर दावा किया है कि इसमें उन लोगों के नाम हैं, जिनकी इस हिंसा में मौत हुई.
19 شہداۓ راولاکوٹ لانگ مارچ 27 جولائی 2026 بروز سوموار
— Awami Action Committe (@JAAC__Official) July 28, 2026
1) نعیم بٹ ، کوٹلی آزاد جموں کشمیر
2) عثمان نذیر ، راولاکوٹ آزاد جموں کشمیر
3) نثار احمد ، بلوچ آزاد جموں کشمیر
4) کاشف یعقوب راولاکوٹ آزاد جموں کشمیر
5) سردار فدا حسین تراڑکھل آزاد جموں کشمیر
6) مزمل ، علی سوجل آزاد…
घटना के बाद कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. इससे लोगों को सूचना साझा करने और संपर्क बनाए रखने में परेशानी हो रही है.
कई हफ्तों से जारी है विरोध प्रदर्शन
PoK में जून की शुरुआत से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुए थे और समय के साथ कई जगह हिंसक झड़पों में बदल गए.
Rawalakot
— Sohaib Khan (@iamsardarsohaib) July 27, 2026
Situation in Pakistan-administered Kashmir remains extremely tense.
Pakistani forces continue a brutal crackdown on peaceful protesters. Latest video from Rawalakot shows the reality on the ground.#RightsMovementAJK pic.twitter.com/figai8n8bC
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. वहीं, सुरक्षा बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं.
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं. इनमें विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को खत्म करना, स्थानीय लोगों को ज्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना, गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई तथा बिजली, पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार शामिल है.
रावलकोट और आसपास के इलाकों में हालात अभी भी तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, जबकि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रहे हैं. आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.