IT Return: अगर आपने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. आज, यानी 15 सितंबर, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख है. अब अगर आप सोच रहे हैं कि “अभी तो दिन बाकी है”, तो ज़रा रुकिए... क्योंकि वेबसाइट स्लो है, ट्रैफिक भारी है, और गलती की कोई गुंजाइश नहीं है.
इस बार सरकार की ओर से डेट बढ़ाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भारी ट्रैफिक और रिटर्न की संख्या को देखते हुए 15 दिन का एक्सटेंशन मिल सकता है. लेकिन जब तक ऐसा कुछ होता नहीं, समय रहते ITR फाइल करना ही समझदारी है. चलिए जानते हैं, ITR फाइल करते समय किन 10 जरूरी बातों का रखना है ध्यान:
पहली बार फाइल कर रहे हैं? पहले रजिस्ट्रेशन करें
ITR पोर्टल पर लॉगिन करने से पहले आपको खुद को रजिस्टर करना होता है. इसके बिना आगे की प्रक्रिया नहीं होगी.
टैक्स कैलकुलेटर से करें कर का आकलन
आय और कटौतियों के आधार पर पहले से अनुमान लगाएं कि कितना टैक्स बनता है. इससे फॉर्म भरते समय दुविधा नहीं होगी.
नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था? सही विकल्प चुनें
इनकम टैक्स पोर्टल पर दोनों रिजीम का तुलनात्मक डेटा मिलता है. जिसमें टैक्स कम लगे, वो चुनना ही समझदारी है.
ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से रखें तैयार
फ़ॉर्म 16 (नियोक्ता से)
ब्याज प्रमाणपत्र (बैंक से)
AIS और TIS (IT पोर्टल से डाउनलोड करें)
ITR का सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी
ITR-1, ITR-2: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए
ITR-3: बिजनेस/प्रोफेशनल इनकम वाले लोगों के लिए
नया बदलाव: 1.25 लाख तक के LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) पर भी अब ITR-1 दाखिल किया जा सकता है.
फॉर्म 16 और 26AS में अंतर है? तुरंत निपटाएं
डाटा में गड़बड़ी दोषपूर्ण रिटर्न (Defective Return) का कारण बन सकती है. इसे नजरअंदाज न करें.
वेबसाइट स्लो है? घबराएं नहीं
इनकम टैक्स वेबसाइट पर ट्रैफिक का लोड है, इसलिए धीरे-धीरे काम करें और धैर्य बनाए रखें.
पहली बार फाइल कर रहे हैं? एक्सपर्ट की मदद लें
चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स प्रोफेशनल की मदद से रिटर्न भरना भले ही थोड़ा महंगा हो, लेकिन भविष्य में भारी जुर्माने से बचा सकता है.
सभी फॉर्म्स डाउनलोड करें, बिना जल्दबाजी के जांचें
AIS, TIS, 26AS जैसे फॉर्म्स डाउनलोड करने में देरी हो सकती है, लेकिन बिना इन्हें चेक किए रिटर्न फाइल न करें.
ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें
रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफाई ज़रूर करें. बिना वेरिफिकेशन के आपका ITR अवैध माना जाएगा.
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