मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने बड़ा बयान दिया है. हूती आंदोलन के प्रमुख अब्दुल मलिक अल‑हूती ने कहा है कि मौजूदा संघर्ष इस्लाम और मुस्लिम देशों के खिलाफ युद्ध जैसा है और उनका संगठन ईरान के साथ खड़ा है.
यमन के टीवी चैनल अल-मसीराह पर दिए भाषण में उन्होंने कहा कि हूती किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं और क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं. माना जाता है कि हूती विद्रोहियों को लंबे समय से ईरान का समर्थन मिलता रहा है.
संघर्ष में नई एंट्री से बढ़ा तनाव
अब तक हूती विद्रोही सीधे तौर पर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष से दूर थे. लेकिन उनके इस ऐलान के बाद आशंका बढ़ गई है कि युद्ध का दायरा और बड़ा हो सकता है.
रिपोर्टों के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 10 हजार लोग घायल हुए हैं. ईरान की ओर से क्षेत्र में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई हैं.
होर्मुज बंद होने से तेल सप्लाई प्रभावित
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के बाद तेल की वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ा है. इस मार्ग से सऊदी अरब, कतर, यूएई, ओमान, कुवैत और बहरीन जैसे देशों का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात होता है.
सऊदी की नई तेल योजना को खतरा
होर्मुज मार्ग प्रभावित होने के बाद सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए देश की तेल कंपनी सऊदी अरामको अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए सप्लाई बढ़ाने की योजना बना रही है.
यह पाइपलाइन सऊदी अरब के अबकैक तेल क्षेत्र से लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक जाती है और इसके जरिए रोजाना करीब 70 लाख बैरल तेल भेजा जा सकता है.
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