बैंकॉक: थाईलैंड में बौद्ध भिक्षुओं से जुड़े एक संवेदनशील मामले ने देशभर में सनसनी फैला दी है. एक महिला, जिसे मीडिया ने 'मिस गोल्फ' नाम दिया है, पर बौद्ध साधुओं को ब्लैकमेल करने और उनसे बड़ी रकम वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला ने विभिन्न साधुओं को अपने प्रभाव में लेकर संबंध बनाए, फिर वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से उन्हें धमकाकर करोड़ों की वसूली की.
जांच एजेंसियों ने अब तक महिला के पास से 80,000 से अधिक वीडियो और फोटो जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया. पुलिस का कहना है कि कम से कम 9 बौद्ध भिक्षुओं के मामले उनके सामने आए हैं, हालांकि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है.
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
यह मामला तब सामने आया जब बैंकॉक के एक भिक्षु ने अचानक संन्यास छोड़ने का फैसला किया. यह फैसला बेहद असामान्य था और स्थानीय धार्मिक समुदाय में चर्चा का विषय बन गया. जब पुलिस ने इसकी जांच शुरू की, तो पता चला कि इस भिक्षु को एक महिला ब्लैकमेल कर रही थी, जिसने दावा किया था कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है और देखभाल के नाम पर बड़ी धनराशि की मांग कर रही थी.
A sex scandal is rocking the Thai monastic order with a dozen of senior monks falling for the same woman only for her to blackmail them out of millions. Here's our @ChannelNewsAsia report on why as shocking as the scandal is, it comes to very little surprise to most Thais. pic.twitter.com/vj9prGg6lY
— Saksith Saiyasombut | ศักดิ์สิทธิ์ ไสยสมบัติ (@SaksithCNA) July 17, 2025
ब्लैकमेलिंग का तरीका और वित्तीय लेन-देन
पुलिस के मुताबिक, मिस गोल्फ ने इस भिक्षु से लगभग 70 लाख थाई बात (लगभग ₹18.5 करोड़) की मांग की थी. धीरे-धीरे जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने इसी तरह कई अन्य साधुओं से भी संपर्क किया और इसी प्रकार का व्यवहार दोहराया.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस पूरे रैकेट के जरिए लगभग 385 मिलियन थाई बात (100 करोड़ रुपये से अधिक) की अवैध उगाही की गई.
छापेमारी में मिले डिजिटल सबूत
पुलिस ने महिला के घर पर छापेमारी के दौरान 80,000 से अधिक मल्टीमीडिया फाइल्स बरामद कीं, जिनमें कथित रूप से बौद्ध भिक्षुओं के साथ आपत्तिजनक दृश्य शामिल हैं. ये फाइल्स महिला के डिजिटल उपकरणों और क्लाउड स्टोरेज में संरक्षित थीं.
सामाजिक और धार्मिक प्रभाव
थाईलैंड में 90% से अधिक आबादी बौद्ध धर्म को मानती है. ऐसे में यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक-धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर है. भिक्षुओं के ब्रह्मचर्य पालन को लेकर उठे सवालों ने बौद्ध संस्थानों की नैतिक जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है.
पुलिस का कहना है कि यदि किसी भिक्षु की संलिप्तता साबित होती है, तो उन्हें धार्मिक अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक सजा भी दी जा सकती है. वहीं, इस मामले में महिला पर भी साइबर अपराध, धोखाधड़ी और जबरन वसूली जैसे आरोप दर्ज किए गए हैं.
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