NCERT की नई किताब में जोड़ा गया Emergency का चैप्टर, अब स्कूली बच्चे भी पढ़ेंगे आपातकाल का इतिहास

स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अब भारत के आपातकाल (Emergency) के बारे में भी विस्तार से पढ़ाया जाएगा. NCERT ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है.

Chapter on the Emergency added to the new NCERT book Class 9 textbooks
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अब भारत के आपातकाल (Emergency) के बारे में भी विस्तार से पढ़ाया जाएगा. NCERT ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल पर एक विशेष अध्याय शामिल किया है. नई पुस्तक में इस दौर को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक बताया गया है.

पहली बार विस्तार से पढ़ाया जाएगा आपातकाल

नई सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल की पृष्ठभूमि, उस समय की राजनीतिक परिस्थितियां और उसके प्रभावों को विस्तार से समझाया गया है. छात्रों को बताया जाएगा कि उस समय देश में बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों का माहौल था.

किताब के अनुसार, इसी दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बड़े जन आंदोलन शुरू हुए थे. इसके बाद 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया.

आपातकाल के दौरान क्या हुआ था?

पाठ्यपुस्तक में बताया गया है कि आपातकाल के दौरान कई मौलिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी. मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई और कई विपक्षी नेताओं तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था.

किताब में यह भी समझाया गया है कि इस दौर ने भारतीय लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता की बड़ी परीक्षा ली थी.

लोकतंत्र की बहाली का भी जिक्र

अध्याय में केवल आपातकाल ही नहीं, बल्कि उसके बाद हुए राजनीतिक बदलावों को भी शामिल किया गया है. छात्रों को बताया जाएगा कि 1977 के आम चुनावों के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था फिर से सामान्य हुई और राजनीतिक बदलाव देखने को मिले.

छात्रों को मिलेगा इतिहास की अहम घटना का ज्ञान

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय को शामिल करने से छात्रों को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा. इससे वे यह जान सकेंगे कि देश ने किन परिस्थितियों का सामना किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की क्या भूमिका रही.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने

NCERT की नई किताब में आपातकाल को शामिल किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस फैसले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इतिहास को संतुलित और तथ्यात्मक तरीके से पढ़ाया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र और संस्थाओं की मजबूती किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है और छात्रों को इतिहास की घटनाओं को समझने का अवसर मिलना चाहिए.

शिक्षा में इतिहास की नई सीख

कक्षा 9 के नए पाठ्यक्रम में आपातकाल को शामिल किए जाने से छात्र भारत के लोकतांत्रिक सफर की एक महत्वपूर्ण घटना के बारे में विस्तार से जान सकेंगे. इससे उन्हें देश के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास को समझने में मदद मिलेगी.

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