Gold-Silver Price: 30 जनवरी 2026 को सुबह बाजार खुलते ही सोना और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में लगभग 17,000 रुपये की तेज कमी दर्ज की गई, जिसके बाद चांदी का भाव लगभग 3.82 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया. सोने में भी कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 3,000 रुपये तक लुढ़क गया, जिससे सोना प्रति 10 ग्राम 1,66,000 रुपये के स्तर के करीब पहुंच गया.
शुक्रवार सुबह दोनों कीमती धातुएं लाल निशान में कारोबार कर रही थीं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण हाल की तेज बढ़ोतरी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली है. पिछले कुछ दिनों में चांदी और सोने की कीमतों ने नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचकर निवेशकों को आकर्षित किया था.
MCX पर आज का भाव
शुक्रवार सुबह की शुरुआती ट्रेडिंग में चांदी में मामूली गिरावट के बाद कुछ मजबूती भी देखने को मिली. सुबह लगभग 10 बजे चांदी 11,893 रुपये कम होकर प्रति किलोग्राम 3,88,000 रुपये पर कारोबार कर रही थी.
वहीं सोना 2,105 रुपये की गिरावट के साथ 1,67,298 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था.
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की यह हल्की नरमी अंतरराष्ट्रीय सोना-चांदी के भाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की रणनीति से जुड़ी हुई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना
विदेशी बाजार में भी शुक्रवार को सोने के भाव में नरमी देखी गई. मजबूत डॉलर ने सोने पर दबाव बनाया, लेकिन निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प की तलाश में बने रहे.
स्पॉट गोल्ड शुक्रवार को 0124 GMT तक 0.9% गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इसके पहले सत्र में सोने ने 5,594.82 डॉलर का रिकॉर्ड छुआ था.
हालांकि, जनवरी महीने में सोने का प्रदर्शन बहुत मजबूत रहा. जनवरी में सोने की कीमतों में लगभग 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह लगातार छठा महीना है जब सोने की कीमतों में तेजी आई है, और यह 1980 के बाद का सबसे बड़ा मासिक उछाल माना जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई. स्पॉट चांदी शुक्रवार को 0.2% गिरकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. इससे पहले गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था.
जनवरी में चांदी की कीमतों में 62% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इसे अब तक के सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन की ओर ले जा रही है. इस बीच, डॉलर इंडेक्स में थोड़ी बढ़ोतरी भी देखने को मिली. हालांकि, फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने बाजार को कुछ सहारा दिया.
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी का लंबी अवधि में आकर्षण सुरक्षित निवेश के रूप में बना रहेगा, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी रहें.
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