अमेरिका में सरकारी कामकाज 43 दिन तक ठप रहने के बाद बुधवार को एक फंडिंग बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के साथ समाप्त हो गया. यह शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन रहा. हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने यह बिल 222-209 के अंतर से पास किया, जबकि सीनेट पहले ही इसे मंजूरी दे चुका था.
इस बिल के पास होने के साथ ही सरकार को 31 जनवरी तक फंडिंग प्राप्त होगी और सभी फेडरल एजेंसियों के कर्मचारियों की छंटनी पर रोक रहेगी. हालांकि, इस विधेयक में हेल्थ केयर प्रोग्राम, ओबामा केयर (Affordable Care Act) सब्सिडी के प्रीमियम टैक्स क्रेडिट्स को बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया, जो इस साल के अंत में समाप्त होने वाली हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने बिल पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, "देश इससे बेहतर स्थिति में कभी नहीं रहा. यह एक महान दिन है." उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पार्टियों के साथ मिलकर हेल्थ केयर प्रोग्राम के मुद्दों को हल करने को तैयार हैं. ट्रंप का यह भी कहना है कि हेल्थ केयर सब्सिडी कंपनियों को फायदा पहुंचाती हैं और आम नागरिकों के लिए समस्या पैदा करती हैं. उनका सुझाव है कि सरकार सीधे लोगों को पैसे दे ताकि वे अपनी पसंद की बीमा पॉलिसी खरीद सकें.
.@POTUS: "For the past 43 days, Democrats in Congress shut down the government of the United States in an attempt to extort American taxpayers for hundreds of billions of dollars for illegal aliens... Today, we’re sending a clear message that we will NEVER give in to extortion." pic.twitter.com/kMKncQPsiL
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) November 13, 2025
डेमोक्रेट्स का विरोध जारी
हालांकि, डेमोक्रेटिक नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे ओबामा केयर सब्सिडी बढ़ाने की लड़ाई जारी रखेंगे. हाउस के डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा, “यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. हम तब तक लड़ेंगे जब तक अमेरिकी नागरिकों के लिए यह लड़ाई जीत नहीं लेते.”
डेमोक्रेटिक सांसदों का कहना है कि अगर ये सब्सिडी समाप्त या घटाई गई, तो लाखों अमेरिकियों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में भारी वृद्धि होगी और कई लोग कवरेज से बाहर हो जाएंगे.
शटडाउन का असर
इस शटडाउन का असर अमेरिका में लगभग हर क्षेत्र पर पड़ा. अनुमान है कि 42 मिलियन अमेरिकी फूड स्टैंप (SNAP) सहायता से वंचित रहे. USDA के पास इस कार्यक्रम के लिए केवल 5 अरब डॉलर का रिजर्व फंड था, जबकि नवंबर में सहायता जारी रखने के लिए 9.2 अरब डॉलर की आवश्यकता थी.
फेडरल कर्मचारियों की स्थिति भी गंभीर रही. लगभग 6.7 लाख सरकारी कर्मचारी छुट्टी पर भेजे गए, जबकि 7.3 लाख कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे थे. कुल मिलाकर लगभग 14 लाख अमेरिकी अपने घर और जीवन यापन के लिए कर्ज लेने को मजबूर हुए.
स्वास्थ्य बीमा क्रेडिट का विवाद
अफॉर्डेबल केयर एक्ट (ACA), जिसे आमतौर पर ओबामा केयर कहा जाता है, 2010 में बराक ओबामा के कार्यकाल में लागू हुआ था. इसके तहत कम और मध्यम आय वाले नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है.
इस साल के अंत में इन क्रेडिट्स की अवधि समाप्त होने वाली है. डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि सब्सिडी बढ़ाई जाए, ताकि 22-24 मिलियन अमेरिकियों को स्वास्थ्य बीमा मिल सके. रिपोर्टों के अनुसार, अगर सब्सिडी समाप्त हो गई, तो औसत मासिक प्रीमियम 888 डॉलर से बढ़कर 1,904 डॉलर हो जाएगा.
रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप का कहना है कि यह प्रणाली हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को लाभ पहुंचाती है और अमेरिकी नागरिकों को सीधे लाभ नहीं मिल रहा.
फेडरल कर्मचारियों के लिए राहत
नए बिल के तहत सभी फेडरल एजेंसियों के कर्मचारियों को 30 जनवरी तक निकाले जाने से रोक दिया गया. इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को बैक पे (पिछला वेतन) भी मिलेगा. यह फेडरल वर्कफोर्स यूनियनों के लिए बड़ी जीत है और ट्रंप के कर्मचारियों को कम करने के अभियान को फिलहाल रोकता है.
चुनावों और राजनीतिक असर
यह शटडाउन हाउस की वोटिंग के आठ दिन बाद हुआ, जब डेमोक्रेट्स ने न्यू जर्सी और एरिज़ोना में हाई-प्रोफाइल चुनावों में जीत हासिल की थी. इस जीत का असर डेमोक्रेटिक नेताओं के स्वास्थ्य बीमा क्रेडिट्स बढ़ाने के अभियान पर देखा गया.
रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वाइकर्ट ने इस शटडाउन को “टीवी शो जैसा” बताया, जिसमें मुद्दा स्पष्ट नहीं दिख रहा था. वहीं, डेमोक्रेट मिकी शेरिल ने कहा कि हाउस ट्रंप का रबर स्टैंप न बने जो बच्चों से खाना और इलाज छीन रहा है.
अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबा शटडाउन
1 अक्टूबर से शुरू हुए शटडाउन ने 43 दिन तक देश की सरकारी कार्यप्रणाली को बाधित किया. इससे पहले, 2018 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिन का शटडाउन रिकॉर्ड था.
शटडाउन के दौरान फेडरल कर्मचारियों की सैलरी, सामाजिक कल्याण कार्यक्रम और कई सरकारी सेवाएं प्रभावित रहीं. अब बिल पास होने के बाद इन सभी क्षेत्रों में कामकाज फिर से शुरू हो जाएगा.
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