US नहीं जा रही थी नाव, लोग कर रहे थे सरेंडर... फिर अमेरिकी सेना ने क्यों की स्ट्राइक? जानें काला सच

अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के पास एक नाव पर एयरस्ट्राइक किया, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया है.

The dark truth of the US military strike on a Venezuelan boat
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अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के पास एक नाव पर एयरस्ट्राइक किया, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला 2 सितंबर को किया गया था और इसमें संदिग्ध ड्रग तस्करों की नाव को निशाना बनाया गया था. इस घटना ने अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई और उसकी नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ट्रंप के दावे और वास्तविक स्थिति

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को लेकर कहा था कि नाव अमेरिका की ओर ड्रग्स ले जा रही थी और इसमें आतंकवादी भी सवार थे. लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट्स इस दावे को चुनौती दे रही हैं. अमेरिकी अखबार सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उस नाव का मार्ग सीधे अमेरिका की ओर नहीं था.

नाव वास्तव में एक बड़ी जहाज से मिलने जा रही थी, जो ड्रग्स का मुख्य ट्रांसफर बिंदु थी. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने माना कि छोटी नाव की दिशा बदलकर सूरीनाम की ओर जा रही थी. एडमिरल फ्रैंक ब्रैडली, जिन्होंने ऑपरेशन की निगरानी की, ने कहा कि नाव ने अमेरिकी विमानों को देखकर अपनी दिशा बदल दी थी और फिर भी उस पर हमला किया गया.

अमेरिकी रणनीति और हमले का कारण

एडमिरल ब्रैडली ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि अमेरिकी सेना उस बड़ी जहाज को ढूंढ नहीं सकी, जिससे ड्रग्स की तस्करी हो रही थी. छोटे जहाज पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, यह ड्रग्स अंततः अमेरिका तक पहुँच सकते थे.

इस घटना के तुरंत बाद पत्रकार जैकरी कोहेन ने बताया कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि नाव संभवतः त्रिनिदाद या कैरेबियन के किसी अन्य देश की ओर जा रही थी. इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने नाव पर चार अलग-अलग हमले किए. इन हमलों में नाव दो हिस्सों में टूट गई, दो लोग जिंदा बचे जिन्हें बाद में मार दिया गया और नाव पूरी तरह डूब गई.

ड्रग रूट और अंतरराष्ट्रीय दिशा

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस नाव का मार्ग आमतौर पर यूरोप के लिए ड्रग ट्रांसफर में इस्तेमाल होता है, अमेरिका की ओर नहीं. अमेरिकी ड्रग एजेंसियों ने यह भी बताया कि हाल में अमेरिका की तरफ जाने वाले ड्रग्स के ज्यादातर मार्ग प्रशांत महासागर से हैं.

इस तरह देखा जाए तो, हमला ऐसे समय में किया गया जब नाव ने अपनी दिशा बदल ली थी और सीधे अमेरिका की ओर नहीं जा रही थी.

युद्ध कानून और संभावित आरोप

इस घटना को लेकर युद्ध कानून और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं. यदि नाव में डूबे हुए लोगों को जानबूझकर मारा गया, तो यह युद्ध अपराध माना जा सकता है. अमेरिकी संसद के सदस्य इस कार्रवाई के समर्थन में हैं, लेकिन नाव पर हमले में बचे हुए लोगों की मौत को लेकर उन्होंने चिंता जताई है.

सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमिटी ने इस मामले की स्वतंत्र जांच करने की बात कही है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, मिशन का उद्देश्य केवल नाव को डुबाना नहीं बल्कि नाव पर मौजूद 11 लोगों को मारकर इसे खत्म करना था.

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