ईरान-भारत को आपस में लड़ाने की साजिश फेल, ईरानी दूतावास ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का किया खुलासा

भारत और ईरान के बीच दशकों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय रिश्तों को निशाना बनाने की एक साजिश एक बार फिर बेनकाब हुई है.

The conspiracy to make Iran and India fight each other fails
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

तेहरान/नई दिल्ली: भारत और ईरान के बीच दशकों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय रिश्तों को निशाना बनाने की एक साजिश एक बार फिर बेनकाब हुई है. भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने हाल ही में सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि कुछ फर्जी अकाउंट्स और न्यूज प्लेटफॉर्म्स भारत और ईरान के रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिनका ईरान से कोई लेना-देना नहीं है.

दूतावास ने इन फेक अकाउंट्स को सीधे तौर पर खारिज करते हुए कहा कि "भारत-विरोधी एजेंडे को अंजाम देने के लिए ईरान के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है." ईरानी दूतावास ने कुछ स्क्रीनशॉट्स साझा किए जिनमें देखा जा सकता है कि कुछ अकाउंट्स ने ईरानी झंडे की डीपी लगाकर भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भड़काऊ टिप्पणियां कीं.

फर्जी अकाउंट्स से फैलाया जा रहा भ्रम

सोशल मीडिया पर एक ‘डेली ईरान न्यूज’ नामक अकाउंट ने हाल ही में कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा और ताइवान को चीन का अंग बताने वाला नक्शा पोस्ट किया. यह पोस्ट भड़काऊ सवालों के साथ साझा किया गया, ताकि भारत में भ्रम और नाराजगी फैलाई जा सके.

इसके अलावा कुछ अन्य अकाउंट्स ने भी ईरान के प्रतीकों का इस्तेमाल कर भारत के खिलाफ उकसावे भरे संदेश फैलाए.

ईरानी दूतावास: 'इनका हमसे कोई संबंध नहीं'

नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने इन गतिविधियों को “फर्जी और भ्रामक” बताया है.

दूतावास ने लिखा, "कुछ सोशल मीडिया चैनल्स और अकाउंट्स ईरान के नाम से भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इनका ईरान या हमारे किसी भी आधिकारिक संस्थान से कोई संबंध नहीं है."

यह बयान पाकिस्तान समर्थित फेक न्यूज और डिजिटल प्रोपेगेंडा नेटवर्क के प्रयासों को सीधे तौर पर झुठलाता है.

पाकिस्तान के पुराने पैटर्न पर शक की सूई

हाल के महीनों में खासकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कई कोशिशें देखी गईं. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह दावा फैलाया कि भारत, इजरायल का पक्ष ले रहा है और उसने ईरान को ‘धोखा’ दिया है.

हालांकि, अब ईरान ने खुद सामने आकर इन दावों को निराधार बताया है.

भारत-ईरान संबंधों पर नहीं पड़ने देंगे असर: विशेषज्ञ

रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह की साजिशें भारत-ईरान संबंधों की गहराई को प्रभावित नहीं कर पाएंगी. दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे के साथ व्यापार, कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग में भरोसे के साथ काम किया है. चाहे वह चाबहार पोर्ट परियोजना हो या ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, भारत और ईरान का रिश्ता काफी मजबूत आधार पर टिका है.

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