जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष हिंदुओं के नरसंहार से पाकिस्तान समर्थित आतंक का असली चेहरा फिर पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गया है. इस बर्बर हमले के तुरंत बाद लश्कर-ए-तैयबा के शैडो संगठन TRF (The Resistance Front) ने गर्व से इसकी जिम्मेदारी ली थी. लेकिन, जैसे ही भारत ने पाकिस्तान पर चौतरफा शिकंजा कसना शुरू किया, TRF ने अब पलटी मारते हुए दावा किया है कि उसका डिजिटल प्लेटफॉर्म "हैक" कर लिया गया था और हमले की जिम्मेदारी उसने नहीं ली थी.
भारतीय एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान पर इस बार दबाव इतना भारी पड़ा है कि उसने अपने पालतू आतंकियों को यू-टर्न लेने के लिए मजबूर कर दिया. भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक घेराबंदी ने पाकिस्तान को बुरी तरह हिला दिया है.
"पहलगाम नरसंहार" की कोई माफी नहीं!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में ऐलान कर दिया — "जिसने भी यह कायराना हरकत की है, उसे धूल में मिला देंगे." देशभर के सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को जबरदस्त समर्थन मिला है. जैसे पुलवामा हमले के बाद दुनिया ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया था, उसी तरह अब पहलगाम हमले को लेकर भारत ने सभी बड़े देशों के राजदूतों को बुलाकर पाक की करतूतों के ठोस सबूत पेश कर दिए हैं. अब कूटनीतिक दांव चल चुका है, और अगला कदम — सैन्य कार्रवाई — ज्यादा दूर नहीं लग रही.
UNSC का बयान — पाकिस्तान की सांस अटकाई
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी पहलगाम नरसंहार की तीखी निंदा करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. बयान में कहा गया — "आतंकी हमलों के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और मददगारों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा." पूरी दुनिया जानती है कि इस इलाके में आतंकवाद को पालने-पोसने वाला असली गुनहगार पाकिस्तान ही है. ओसामा बिन लादेन को एबटाबाद में छिपाकर रखने वाला इतिहास खुद गवाही देता है कि इस मुल्क ने आतंक को अपने डीएनए में बसा रखा है.
TRF की सच्चाई
भारत सरकार ने पहले ही साल 2023 में TRF समेत चार आतंकी संगठनों को UAPA के तहत बैन कर दिया था. TRF, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नकाबपोश संगठन है, 2019 से कश्मीर में निर्दोषों की हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, आतंकियों की भर्ती, LOC पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में सक्रिय रहा है.
गृह मंत्रालय के मुताबिक TRF का मकसद आतंकी गतिविधियों को "लोकल मूवमेंट" का नाम देना था, ताकि पाकिस्तान का सीधा हाथ छिपाया जा सके. लेकिन, अब जब दुनिया ने पाकिस्तान की असलियत पहचान ली है, तो उसके बनाए हुए इन शैडो संगठनों की कलई भी खुलती जा रही है.
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