Yemen houthis Vs Saudi Arabia: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए तुरंत प्रभाव से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की है. संगठन के सैन्य प्रवक्ता ने टीवी पर जारी बयान में कहा कि अब सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध लागू रहेगा. हूती विद्रोहियों ने इसे "आंख के बदले आंख" की नीति का हिस्सा बताया है. इस फैसले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
हूती विद्रोहियों ने क्यों लिया यह फैसला?
हूती विद्रोहियों का कहना है कि सऊदी अरब ने लंबे समय से उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर जमीन, समुद्र और हवाई रास्तों से कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं. उनका आरोप है कि उनके बंदरगाह और हवाई अड्डे भी लंबे समय तक प्रभावित रहे और इलाके के संसाधनों का भी नुकसान हुआ. इसी वजह से उन्होंने समुद्री नाकेबंदी का फैसला लिया है.
हाल के दिनों में बढ़ा तनाव
पिछले सप्ताह हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमले करने का दावा किया था. संगठन का आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रण वाले एक हवाई अड्डे पर हमला किया था, जिसके जवाब में उन्होंने यह कार्रवाई की. इन घटनाओं के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है.
युद्धविराम पर पड़ सकता है असर
मार्च 2022 में अनौपचारिक युद्धविराम लागू होने के बाद यह पहली बार है जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है. इससे पहले भी संगठन सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना चुका है.
अब समुद्री नाकेबंदी और हालिया हमलों के बाद यह चिंता बढ़ गई है कि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष फिर तेज हो सकता है. अगर हालात नहीं सुधरे तो इसका असर पश्चिम एशिया की समुद्री सुरक्षा और पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी पड़ सकता है.
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