Khamenei Trump Criminal: ईरान में हाल ही में उठे हंगामे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए अटैक के इरादे के बीच उत्पन्न संकट अब धीरे-धीरे शांत होता दिखाई दे रहा है. ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाने के बाद अचानक हमला टालने की घोषणा की, जिससे सड़कों पर खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या घट गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस फैसले को अपनी रणनीति का हिस्सा बताते हुए दावा किया कि अटैक रोकने का कारण ईरान में प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा से बचाना था. इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को शुक्रिया भी अदा किया. हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने चुप्पी तोड़ते हुए ट्रंप को कठोर शब्दों में ‘क्रिमिनल’ घोषित किया है.
We find the US President guilty due to the casualties, damages and slander he inflicted upon the Iranian nation.
— Khamenei.ir (@khamenei_ir) January 17, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया अपराधी
शनिवार को खामेनेई ने एक तगड़ा स्टेटमेंट जारी किया और स्पष्ट किया कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान में हुए नुकसानों, हताहतों और देश की मानहानि के लिए जिम्मेदार मानते हैं. तेहरान में एक सभा के दौरान अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में फैलाए गए अशांति का बीज बोया और इसका उद्देश्य ईरान को नियंत्रित करना था.
खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी यह बयान पोस्ट किया और लिखा कि ईरान में उत्पन्न संकट केवल अमेरिकी साजिश का हिस्सा था. उनका कहना था कि ट्रंप और उनके प्रशासन ने जानबूझकर हालात को भड़काया ताकि ईरान पर अपनी पकड़ मजबूत की जा सके.
ईरान में अमेरिका का हस्तक्षेप
ईरान में यह तनाव दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था, जब प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों और संस्थाओं के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आग में घी का काम किया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए कहा कि वे ईरान के सरकारी कार्यालयों पर कब्जा करें और अमेरिका से सहायता की उम्मीद रखें.
हालांकि, अमेरिका की ओर से किसी भी तरह की प्रत्यक्ष मदद नहीं आई, लेकिन ट्रंप के बयान के कारण कई निहत्थे प्रदर्शनकारी सड़कों पर मारे गए. इसके अलावा ट्रंप ने ईरान पर आक्रामक अटैक की धमकी भी दी थी. जब खाड़ी देशों ने जंग के लिए अपना एयरस्पेस देने से इनकार किया, तो ट्रंप ने अपना हमला टाल दिया.
ट्रंप का दावा और ईरानी प्रतिक्रिया
ट्रंप ने इसके बाद अमेरिकी मीडिया और स्टाफ को बताया कि उन्होंने ईरान को फोन करके स्पष्ट कर दिया कि हमला नहीं होगा, लेकिन इसके बदले में 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी जाए. उन्होंने अपने प्रशासन को लगातार यह जताने को कहा कि उन्होंने ईरान में ‘मास मर्डर’ को रोका है.
हालांकि, ईरान की ओर से कभी इस दावे की पुष्टि नहीं की गई. अब जब खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप को अपराधी घोषित किया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और उसे यह कदम अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ एक सशक्त प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है.
सड़कों से घटा विरोध और राजनीतिक प्रभाव
ट्रंप के अटैक टालने के फैसले के बाद ईरान में धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ है. सड़कों पर खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाले प्रदर्शनकारी कम दिखाई दे रहे हैं. हालांकि राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन फिलहाल हिंसा और बड़े संघर्ष के संकेत नहीं हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना न केवल ईरान और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा सकती है, बल्कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संतुलन पर भी असर डाल सकती है. खामेनेई का बयान यह स्पष्ट करता है कि ईरान अमेरिकी हस्तक्षेप के प्रति बेहद सतर्क और गंभीर दृष्टिकोण रख रहा है.
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