तेलंगाना में हाल ही में एक गंभीर स्वास्थ्य खतरे का मामला सामने आया है, जब औषधि नियंत्रण प्रशासन ने बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले अल्मोंट-किड सिरप की बिक्री और उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी. यह सिरप विशेष रूप से बच्चों में एलर्जी, बुखार और अस्थमा के इलाज में डॉक्टरों द्वारा लिखा जाता है, लेकिन अब इसमें एक खतरनाक और जहरीला रसायन पाया गया है, जिससे बच्चों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है.
मिलावटी दवाइयों की बढ़ती चिंता
इस सिरप में इथाइलीन ग्लाइकॉल नामक रसायन पाया गया है, जो बेहद खतरनाक होता है. यह रसायन आमतौर पर एंटी-फ्रीज और अन्य इंडस्ट्रियल उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जब यह शरीर में प्रवेश करता है तो यह किडनी और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है. तेलंगाना के औषधि नियंत्रण प्रशासन ने इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की और राज्यभर में इस दवा के स्टॉक को जब्त करने के आदेश दिए हैं.
इथाइलीन ग्लाइकॉल: जानलेवा रसायन
इथाइलीन ग्लाइकॉल का उपयोग आमतौर पर एंटी-फ्रीज, ब्रेक फ्लूड और कूलेंट के रूप में किया जाता है. यह रसायन दिखाई में रंगहीन और मीठा होता है, लेकिन शरीर में इसके प्रवेश से किडनी पर गंभीर असर हो सकता है, साथ ही यह नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाता है. खासतौर पर बच्चों में इसका प्रभाव अधिक खतरनाक होता है क्योंकि उनका शरीर और वजन कम होता है, जिससे यह रसायन तेजी से असर दिखाता है.
कानूनी कार्रवाई और कंपनी पर दबाव
इस मिलावटी दवा की बिक्री और आपूर्ति करने वाली कंपनी ट्रिडस रेमेडीज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सेहत के साथ इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे मेडिकल स्टोर और अस्पतालों से इस सिरप का स्टॉक तुरंत जब्त करें. इसके अलावा, जनता से अपील की गई है कि यदि किसी के पास यह सिरप है, तो उसे तुरंत वापस कर दिया जाए और बच्चों को यह दवा न दी जाए.
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