नई दिल्ली: कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई को लेकर हाल के दिनों में वैश्विक चिंताएं बढ़ी हैं, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी परेशानियों के कारण. हालांकि, भारतीय सरकार ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि भारत के पास कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है, और स्थिति पर करीबी निगरानी रखी जा रही है. सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर, ईंधन की सप्लाई को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे.
भारत में फिलहाल रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का अच्छा स्टॉक है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में सप्लाई में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर, भारत दूसरे क्षेत्रों से तेल की सप्लाई बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. भारत इस समय वैश्विक तेल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में देश में ईंधन की कोई कमी न हो.
Govt Sources: Today, we have more energy sources than what is stuck in the Straits of Hormuz. We are in a comfortable position in Crude oil, Oil products and LPG. In terms of our current stock, we are in a comfortable position. We are going to ramp up our supplies from other… pic.twitter.com/plzLEDvl25
— ANI (@ANI) March 6, 2026
रूस से तेल आयात में वृद्धि
रूस से कच्चे तेल का आयात भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मोर्चा साबित हो रहा है. 2022 के बाद से, भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात काफी बढ़ा दिया है. पहले यह आयात बहुत कम था, लेकिन अब यह 2022 के मुकाबले काफी बढ़ चुका है. फरवरी में, भारत ने रूस से रोजाना लगभग 10.4 लाख बैरल तेल आयात किया, जो कच्चे तेल के कुल आयात का करीब 20 प्रतिशत था.
MRPL की स्थिति पर सरकार का बयान
हाल ही में, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के बंद होने की खबरें सामने आई थीं. लेकिन सरकारी सूत्रों ने इन खबरों को नकारते हुए स्पष्ट किया है कि MRPL पूरी तरह से सामान्य रूप से कार्य कर रहा है और वहां पर पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है. इस प्रकार, इस रिफाइनरी में किसी प्रकार की कमी या समस्या नहीं है.
एलपीजी सप्लाई को मजबूत करने के लिए कदम
सरकार ने एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की सप्लाई को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है ताकि घरेलू मांग को पूरी तरह से पूरा किया जा सके. इसके अलावा, सरकार पेट्रोकेमिकल्स का भी उपयोग घरेलू आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए करेगी. भारत अब एलपीजी के आयात के स्रोतों को भी बढ़ा रहा है. हाल ही में, अमेरिका से एलपीजी की पहली खेप भारत पहुंची, जो इस बात का संकेत है कि भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखला को और भी सुदृढ़ बना रहा है.
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