तेल अवीव, हाइफा, बेर शीबा... इजरायल के हाई प्रोफाइल शहरों को भी भेद गई ईरान की मिसाइलें, दुनिया हैरान

तेल अवीव और हाइफा जैसे शहर, जिन्हें अब तक इजरायल की सुरक्षा दीवार कहा जाता था, इस बार सबसे ज्यादा तबाही झेलते नजर आए.

Tel Aviv Haifa Beer Sheba Iran missiles hit Israel high profile cities
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

ईरान और इजरायल के बीच हालिया टकराव ने एक बड़ा खुलासा कर दिया—इजरायल की वह सुरक्षा प्रणाली, जिस पर दुनिया भरोसा करती थी, वो खुद उसके बड़े शहरों को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हुई. तेल अवीव और हाइफा जैसे शहर, जिन्हें अब तक इजरायल की सुरक्षा दीवार कहा जाता था, इस बार सबसे ज्यादा तबाही झेलते नजर आए. भले ही इजरायल ने ईरान के आसमान पर वायु नियंत्रण स्थापित कर लिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वह अपने प्रमुख शहरी इलाकों को ईरान की बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों से बचाने में सफल नहीं रहा.

सुरक्षित शहरों में मची सबसे ज्यादा तबाही

इस युद्ध में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन शहरों को सबसे सुरक्षित माना जाता था, वे ही सबसे असुरक्षित साबित हुए. तेल अवीव, हाइफा और बेर शेवा जैसे शहर, जो अब तक हमास और हिज़्बुल्ला के हमलों में सुरक्षित रहे थे, इस बार पूरी तरह बेनकाब हो गए. रमात गन, होलोन, बट याम और नेस ज़ियोना जैसे उपनगर भी ईरान के हमलों की चपेट में आए. पूर्व राजनयिक अनिल त्रिगुणायत के मुताबिक, "ईरान के मिसाइल हमलों ने इजरायल के शहरी इलाकों में वैसी तबाही मचाई, जैसी हम आमतौर पर गाजा पर इजरायली हमलों के बाद देखा करते थे."

बदल गया दुश्मन, बदल गई बर्बादी की दिशा

इजरायल पहले हमास और हिज़्बुल्ला के रॉकेट हमलों से निपटने में माहिर रहा है. हमास, जो गाजा पट्टी से हमला करता है, दक्षिणी और मध्य इजरायल को निशाना बनाता है. वहीं हिज़्बुल्ला लेबनान से उत्तरी इजरायल पर वार करता है. ऐसे में अशदोद, आश्कलोन, सेडेरॉट, किर्यात शमोना, मतुला और नहरिया जैसे शहर बार-बार हमलों का शिकार हुए हैं. लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई. ईरान ने सीधे तौर पर इजरायल के दिल—तेल अवीव, हाइफा और बेर शेवा—को निशाना बनाया. मिसाइल हमलों में इन शहरों की संरचनाएं, इमारतें और आधारभूत ढांचा बुरी तरह तबाह हुआ.

सुरक्षा में चूक या रणनीति में खामी?

इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब यह बड़ा सवाल है कि क्या ये हमले उसकी रणनीति की चूक हैं या उसकी रक्षा प्रणाली की सीमा? यह युद्ध इजरायल के लिए सिर्फ सैन्य चुनौती नहीं, बल्कि रणनीतिक असफलता का भी संकेत है. पूर्व राजनयिक त्रिगुणायत ने जोर देकर कहा कि ईरान ने यह साबित कर दिया है कि अगर आमने-सामने की जंग हुई, तो वह इजरायल के सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले शहरी क्षेत्रों में भी भीषण तबाही मचा सकता है.

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