काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने हाल ही में एक विवादित कदम उठाते हुए ‘ग्रेटर अफगानिस्तान’ का नक्शा पेश किया है. इस नक्शे में अफगानिस्तान के वर्तमान सीमाओं के बाहर पाकिस्तान के कई हिस्सों को दिखाया गया है. तालिबान लंबे समय से डूरंड लाइन, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा है, को मान्यता नहीं देता. इस कारण ही दोनों देशों के बीच बार-बार सीमा तनाव और झड़पें होती रही हैं.
नक्शा और खोस्त समारोह
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नक्शा खोस्त प्रांत में आयोजित एक समारोह में तालिबान के उप गृह मंत्री मोहम्मद नबी ओमारी को भेंट किया गया. नक्शे में डूरंड लाइन को हटा कर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और अन्य पश्तून बहुल इलाकों को अफगानिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है. तालिबान का मानना है कि ये क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से अफगानिस्तान से जुड़े हुए हैं.
Taliban Deputy Minister Presented with ‘Greater Afghanistan’ Map Showing a Divided Pakistan at Khost Ceremony
— Aamaj News English (@aamajnews_EN) November 2, 2025
At a ceremony in Khost province last week, Taliban Deputy Interior Minister Mohammad Nabi Omari was presented with a map labeled “Greater Afghanistan,” which removes the… pic.twitter.com/lXfznxNYBm
समारोह में उपस्थित बच्चों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया. कार्यक्रम में 18 साल से कम उम्र के बच्चों ने सैन्य वर्दी पहनकर हिस्सा लिया, जो संकेत देता है कि तालिबान युवा पीढ़ी में देशभक्ति और सैन्य चेतना विकसित करने की कोशिश कर रहा है.
पाकिस्तान के लिए चेतावनी
मोहम्मद नबी ओमारी ने इस अवसर पर पाकिस्तान को चेतावनी दी. उनके अनुसार, अगर अफगानिस्तान पर किसी भी तरह का सैन्य हमला या दबाव डाला गया, तो तालिबान उसी तरह प्रतिक्रिया देगा जैसे उसने सोवियत संघ और अमेरिका के खिलाफ की थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि तालिबान पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद और संभावित संघर्ष में कोई समझौता नहीं करेगा.
Taliban Threatens Pakistan: “We Will Raise Our White Flag in Lahore — and Burn Islamabad”
— Aamaj News English (@aamajnews_EN) November 2, 2025
During a so-called military parade, the Afghan Taliban issued a warning to Pakistan, reciting a poem that declared they would “raise the white flag in Lahore and burn Islamabad.#aamajnews pic.twitter.com/UzRVAWERqo
तालिबान द्वारा आयोजित एक सैन्य परेड में भी यह संदेश दिया गया. इस परेड में देशभक्ति और सैन्य विषयक गीत बजाए गए, जिनमें पाकिस्तान को चेतावनी दी गई थी कि तालिबान अफगानिस्तान के हितों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठा सकता है. इसमें कहा गया कि भविष्य में तालिबान “लाहौर में झंडा फहराने” और इस्लामाबाद को निशाना बनाने जैसी संभावनाओं पर भी विचार कर सकता है.
डूरंड लाइन और ऐतिहासिक विवाद
तालिबान का यह कदम उस लंबे समय से चल रहे विवाद का हिस्सा है, जिसमें अफगानिस्तान डूरंड लाइन को वैध सीमा नहीं मानता. अफगान नेताओं का दावा है कि ब्रिटिश उपनिवेशकाल के समय खींची गई यह सीमा पाकिस्तान के कई पश्तून बहुल क्षेत्रों को अलग करती है. तालिबान के इस नक्शे के माध्यम से यह संदेश भी स्पष्ट होता है कि वे इस मान्यता को स्वीकार नहीं करते.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल सियासी और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दे सकता है, बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से जटिल सीमा विवाद को और संवेदनशील बना सकता है.
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