'अफगानिस्तान के युवा तलावर नहीं मिसाइल और ड्रोन बनाए...' तालिबान के शिक्षा मंत्री ने की खास मांग

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के शिक्षा मंत्री मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने हाल ही में युवाओं के लिए एक अहम संदेश जारी किया है.

Talibans education minister said to make drones and missiles
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काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के शिक्षा मंत्री मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने हाल ही में युवाओं के लिए एक अहम संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए तलवारों और पारंपरिक हथियारों की बजाय ड्रोन, मिसाइलें और आधुनिक लड़ाकू तकनीक विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई तनाव और शांति वार्ता जारी है.

शिक्षा मंत्री ने युवाओं को दी दिशा

काबुल में एक शैक्षिक समारोह के दौरान मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए सैन्य तकनीक और वैज्ञानिक क्षमताओं का विकास आवश्यक है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे तलवार और छोटे हथियारों की बजाय विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी ज्ञान में दक्षता हासिल करें.

उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलें और लड़ाकू विमान विकसित करने में अपने युवाओं की प्रतिभा और बुद्धिमत्ता का उपयोग करना चाहिए. उनका मानना है कि यह कदम देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में अधिक प्रभावी होगा.

विदेश और पश्चिमी संदर्भ

मौलवी हबीबुल्लाह आगा ने अपने भाषण में पश्चिमी देशों और जीवनशैली का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों में अपार बौद्धिक क्षमता है, और उन्हें अपने दिमाग और प्रयास से आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने में योगदान देना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कौशल अमेरिका या यूरोप से सीखने की बजाय स्वदेशी बुद्धिमत्ता और मेहनत से विकसित किया जा सकता है.

आगा ने यह भी कहा कि देश की रक्षा केवल हथियार रखने से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए तकनीकी ज्ञान और रणनीतिक कौशल की आवश्यकता है.

पहले के बयान और सुरक्षा चिंता

तालिबान शिक्षा मंत्री ने इससे पहले भी आधुनिक हथियारों के निर्माण पर जोर दिया था. 21 सितंबर, 2024 को उन्होंने पक्तिका प्रांत में एक भाषण में कहा था कि अफगानिस्तान का हवाई क्षेत्र अमेरिकी ड्रोन के नियंत्रण में है, और देश के पास उन्हें रोकने की पर्याप्त तकनीकी क्षमता नहीं है. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को ऐसे उपकरणों और तकनीक का निर्माण करना सीखना चाहिए जो देश की सुरक्षा को मजबूत कर सकें.

आगा ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी ड्रोन की रात भर की गतिविधियाँ और सीमाई निगरानी अफगानिस्तान की रक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती हैं. उनका कहना था कि देश को इस चुनौती का सामना करने के लिए स्वदेशी तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमताओं का विकास करना होगा.

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