T20 World Cup: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप स्टेज पाकिस्तान के लिए आसान नहीं दिख रहा है. ग्रुप ए में शामिल पाकिस्तानी टीम को शुरुआती दौर में ही कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. टूर्नामेंट के शेड्यूल के मुताबिक पाकिस्तान को अपने पहले दो मुकाबले नीदरलैंड्स और अमेरिका के खिलाफ खेलने हैं. इसके बाद 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच तय था, लेकिन पाकिस्तान सरकार और क्रिकेट बोर्ड के फैसले के कारण यह मुकाबला खेले जाने की संभावना नहीं है. ऐसे में पाकिस्तान को बिना खेले ही उस मैच के अंक गंवाने पड़ सकते हैं, जिसका सीधा असर ग्रुप स्टेज की तालिका और नेट रन रेट पर पड़ेगा.
अगर पाकिस्तान शुरुआती मुकाबलों में चूक गया, तो टीम के लिए टूर्नामेंट में आगे का रास्ता बेहद मुश्किल हो सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो भारत से ज्यादा खतरा नीदरलैंड्स और अमेरिका जैसी टीमों से है, जो पिछले कुछ वर्षों में बड़े उलटफेर कर चुकी हैं.
भारत के खिलाफ मैच न खेलने से बढ़ेगी मुश्किल
ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ मुकाबला हमेशा हाई-प्रोफाइल होता है और दोनों टीमों को उससे न केवल अंक, बल्कि नेट रन रेट सुधारने का मौका भी मिलता है. पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला करने से उसे दो अहम अंक गंवाने पड़ सकते हैं. इसके अलावा नेट रन रेट में भी नुकसान होगा, जो ग्रुप स्टेज में बराबरी की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभाता है.
ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा हो सकता है. एक भी हार टीम को टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर ला सकती है.
नीदरलैंड्स और अमेरिका बन सकते हैं खतरा?
नीदरलैंड्स को टी20 वर्ल्ड कप में अक्सर ‘डार्क हॉर्स’ के रूप में देखा जाता है. 2022 के टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स ने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था और उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था. इससे पहले 2009 में नीदरलैंड्स ने इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीम को मात देकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था. ऐसे उदाहरण बताते हैं कि यह टीम बड़े मंच पर दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है.
वहीं, अमेरिका की टीम भी अब केवल नई या कमजोर टीम नहीं रही. पिछले टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिका ने सुपर ओवर में पाकिस्तान को हराकर सनसनी मचा दी थी. यह मैच पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था और इसने साफ कर दिया कि कम रैंकिंग वाली टीमें भी बड़े उलटफेर कर सकती हैं. हाल ही में अमेरिका ने इंडिया ए के खिलाफ वार्म-अप मैच में 200 से ज्यादा रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी की ताकत भी दिखाई है. इससे यह साफ है कि अमेरिका को हल्के में लेना पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है.
पाकिस्तान की संभावित कमजोरियां
पाकिस्तान की टीम का इतिहास रहा है कि वह कभी-कभी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ भी दबाव में आ जाती है. पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मुकाबले देखने को मिले हैं जहां पाकिस्तान की बल्लेबाजी अचानक बिखर गई. मध्यक्रम की अस्थिरता और शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाना टीम की बड़ी समस्या रही है.
वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मिली हार इसका उदाहरण मानी जाती है, जहां पाकिस्तान एक मजबूत स्थिति के बावजूद मुकाबला गंवा बैठा था. टी20 फॉर्मेट में तो एक-दो ओवर का खराब खेल ही मैच का रुख पलट सकता है. ऐसे में अमेरिका और नीदरलैंड्स जैसी टीमों के खिलाफ अगर पाकिस्तान ने लापरवाही दिखाई, तो ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा बढ़ सकता है.
मानसिक दबाव और ग्रुप समीकरण
भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला केवल अंक तालिका पर ही असर नहीं डालेगा, बल्कि टीम के मनोबल पर भी दबाव बनाएगा. खिलाड़ियों को पता होगा कि उनके पास अंक जुटाने के मौके सीमित हैं. ऐसे में हर मैच में अतिरिक्त दबाव के साथ उतरना पड़ सकता है, जो प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है.
ग्रुप स्टेज के समीकरण ऐसे बन सकते हैं कि पाकिस्तान को क्वालिफिकेशन के लिए न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीतकर नेट रन रेट भी बेहतर रखना होगा. अगर नीदरलैंड्स या अमेरिका में से किसी एक से भी हार मिली, तो पाकिस्तान के लिए अगले दौर में पहुंचना बेहद मुश्किल हो सकता है.
वर्ल्ड कप पाकिस्तान का ग्रुप स्टेज शेड्यूल
अगर पाकिस्तान अपने पहले दो मुकाबलों में से किसी एक में भी हार जाता है और भारत के खिलाफ मैच नहीं होता है, तो टीम के लिए आगे का सफर बेहद मुश्किल हो सकता है.
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