India New T20I Captain: भारतीय टी-20 टीम में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है. सूत्रों के मुताबिक आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयन समिति टीम के नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. माना जा रहा है कि जून में होने वाली सीनियर चयनकर्ताओं की बैठक में टी-20 टीम की कप्तानी को लेकर गंभीर चर्चा होगी.
अगर सब कुछ योजनानुसार रहा तो श्रेयस अय्यर की न सिर्फ टीम इंडिया के टी-20 सेटअप में वापसी हो सकती है, बल्कि उन्हें टीम की कमान भी सौंपी जा सकती है. लगातार सफल कप्तानी और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन ने अय्यर को इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार बना दिया है.
सूर्यकुमार यादव का कप्तानी खत्म होने के संकेत
माना जा रहा है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए कप्तान की तलाश में जुट गया है. ऐसे में सूर्यकुमार यादव का मौजूदा कार्यकाल जल्द समाप्त हो सकता है.
हालांकि सूर्यकुमार यादव कई बार सार्वजनिक तौर पर यह इच्छा जता चुके हैं कि वह अगले कुछ वर्षों तक भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी करना चाहते हैं. उनका लक्ष्य आगामी टी-20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में टीम का नेतृत्व करना है.
लेकिन हालिया प्रदर्शन और फिटनेस से जुड़ी चिंताओं ने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया है.
कप्तानी मिलने के बाद बल्लेबाजी में गिरावट
सूर्यकुमार यादव को जुलाई 2024 में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत ने कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं. टीम ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 विश्व कप का खिताब भी जीता.
2026 टी-20 वर्ल्ड कप में सूर्या ने 9 पारियों में 242 रन बनाए थे. हालांकि इनमें से 84 रन उन्होंने शुरुआती मैच में अमेरिका के खिलाफ बनाए थे. बाकी मुकाबलों में वह बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सके.
कप्तानी मिलने के बाद से उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आया है. आंकड़ों के अनुसार उन्होंने कप्तान बनने के बाद 45 मैचों में केवल 932 रन बनाए हैं. उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ दिखाई दी है, जिसने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है.
चोट से भी जूझ रहे हैं सूर्यकुमार यादव
रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से कलाई की समस्या से परेशान हैं. बताया जा रहा है कि वह दर्द के बावजूद लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं.
मुंबई इंडियंस के लिए खेलते समय भी उन्हें कई बार दाहिनी कलाई पर भारी टेपिंग के साथ मैदान पर देखा गया. सूत्रों के मुताबिक बल्लेबाजी और फील्डिंग से पहले टीम डॉक्टर उनकी कलाई पर विशेष सुरक्षा टेप लगाते थे ताकि वह बिना ज्यादा दर्द के खेल सकें.
यह भी जानकारी सामने आई है कि वह कुछ ऐसे अभ्यासों से बचते रहे हैं जिनमें कलाई पर ज्यादा दबाव पड़ता हो. लगातार क्रिकेट और चोट के कारण उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
जीत का रिकॉर्ड शानदार, लेकिन मैनेजमेंट की चिंता अलग
हालांकि कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. उनकी कप्तानी में भारत का जीत प्रतिशत करीब 76.92 प्रतिशत बताया जा रहा है. उन्होंने टीम को कई अहम टूर्नामेंट्स में जीत दिलाई और आक्रामक क्रिकेट खेलने की नई पहचान भी दी.
इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट अब लंबी अवधि के विकल्पों पर विचार कर रहा है. बढ़ती उम्र, लगातार फिटनेस समस्याएं और बल्ले से कमजोर प्रदर्शन की वजह से चयनकर्ता नए चेहरे की तलाश में दिखाई दे रहे हैं.
श्रेयस अय्यर क्यों बने सबसे मजबूत दावेदार?
श्रेयस अय्यर पिछले कुछ वर्षों में कप्तानी के मामले में बेहद सफल साबित हुए हैं. उन्होंने अलग-अलग फ्रेंचाइजियों के साथ आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और टीमों को मजबूत तरीके से लीड किया है.
उनकी कप्तानी शैली शांत, संतुलित और रणनीतिक मानी जाती है. यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें भारतीय टी-20 टीम के भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं.
इसके अलावा श्रेयस अय्यर मिडिल ऑर्डर में स्थिर बल्लेबाज के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं. दबाव वाले मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों ने उन्हें मजबूत उम्मीदवार बना दिया है.
संजू सैमसन और ईशान किशन भी रेस में
टी-20 कप्तानी की चर्चा में संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों के नाम भी सामने आ रहे हैं. दोनों खिलाड़ियों ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में नेतृत्व क्षमता दिखाई है.
हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल श्रेयस अय्यर चयनकर्ताओं की पहली पसंद माने जा रहे हैं. आने वाले हफ्तों में होने वाली चयन समिति की बैठक इस मामले में बेहद अहम साबित हो सकती है.
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