Surat Cyber Fraud: सूरत के सचिन जीआईडीसी इलाके में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. ठगों ने कंपनी मालिक की फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाकर उसके अकाउंटेंट को ऐसा भरोसा दिलाया कि उसने बिना दोबारा पुष्टि किए 40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. पुलिस के मुताबिक, 64 वर्षीय कारोबारी जतीनभाई शाह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और पूरे मामले की जांच चल रही है.
ZIP फाइल बनी ठगी का पहला जाल
जतीनभाई शाह की विघ्नेश्वर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में यह वारदात हुई. 20 मई को उनके WhatsApp पर एक अज्ञात नंबर से अकाउंट स्टेटमेंट के नाम पर ZIP फाइल भेजी गई थी. फाइल नहीं खुलने पर उन्होंने इसे अकाउंटेंट मनीष पटेल को भेज दिया. अगले दिन मनीष को जतीनभाई की तस्वीर वाली दूसरी WhatsApp प्रोफाइल से मैसेज आया और आरोपी ने कंपनी के बैंक खातों का बैलेंस पूछने के बाद इंडसइंड बैंक खाते में 40 लाख रुपये RTGS करने को कहा. ‘मीटिंग में हूं’ कहे जाने पर अकाउंटेंट ने इसे मालिक का निर्देश समझ लिया और कंपनी के ICICI बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर दी.
परिवार से पूछताछ के बाद खुला राज
रकम ट्रांसफर होने के बाद जब परिवार ने जतीनभाई से इस लेनदेन के बारे में पूछा, तब ठगी का खुलासा हुआ. इसके बाद बैंक खाते को फ्रीज कराया गया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज की गई. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने कंपनी की जानकारी और कारोबारी की WhatsApp प्रोफाइल का इस्तेमाल किस तरह किया. शुरुआती जांच में ZIP फाइल को ठगी की अहम कड़ी माना जा रहा है, हालांकि उसमें मालवेयर था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.
दूसरी बार भी बनाया निशाना
ठगों ने 22 मई को एक बार फिर कंपनी को निशाना बनाने की कोशिश की. इस बार जतीनभाई की फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से दूसरे अकाउंटेंट कल्पेश तिवारी को इसी तरह का मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की गई. हालांकि, कल्पेश को पहली घटना की जानकारी मिल चुकी थी, इसलिए उन्होंने तुरंत जतीनभाई से संपर्क कर लिया और दूसरी ठगी होने से बच गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं.
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