यूक्रेन का साथ देना ब्रिटेन-फ्रांस को पड़ेगा भारी? रूस ने सैन्य ठिकानों पर हमले की दी चेतावनी

Russia Attack On Britain France: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब यूरोप के दूसरे बड़े देशों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है. ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक देने के फैसले के बाद रूस ने दोनों देशों को चेतावनी दी है.

supporting Ukraine prove costly for Britain and France Russia warns of attacks on military bases
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Russia Attack On Britain France: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब यूरोप के दूसरे बड़े देशों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है. ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक देने के फैसले के बाद रूस ने दोनों देशों को चेतावनी दी है. मॉस्को का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह यूक्रेन के बाहर मौजूद सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है.

ब्रिटेन को रूस की सीधी चेतावनी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सोमवार को कहा कि उनका देश यूक्रेन को ऐसी सैन्य तकनीक देगा, जिससे वह खुद स्टॉर्म शैडो जैसी लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें बना सकेगा. फ्रांस ने भी यूक्रेन को मिसाइल तकनीक देने की तैयारी की है.

इस फैसले पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा कि दोनों देश बेहद खतरनाक रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं.

रूस की चेतावनी के बाद ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी अपना रुख साफ किया. मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और रूस की आक्रामकता का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा.

सीआईए प्रमुख की मॉस्को यात्रा से बढ़ी हलचल

इसी बीच रूस को लेकर एक और गंभीर रिपोर्ट सामने आई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने मंगलवार को मॉस्को का गुप्त दौरा किया.

रिपोर्ट के अनुसार, यह यात्रा अमेरिकी खुफिया आकलन के बाद हुई. इसमें आशंका जताई गई थी कि रूस नाटो की ताकत को परखने के लिए किसी सदस्य देश के खिलाफ सीमित कार्रवाई कर सकता है.

यह हमला सीधे सैन्य हमले के बजाय साइबर अटैक, ड्रोन हमले या छोटे स्तर की घुसपैठ के रूप में हो सकता है. सबसे ज्यादा आशंका बाल्टिक क्षेत्र के किसी नाटो देश को लेकर जताई गई है. अगर ऐसा हुआ तो रूस और नाटो के बीच सीधा टकराव शुरू होने का खतरा बढ़ सकता है.

रूस ने रिपोर्टों को बताया डराने वाली कहानी

रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा और रूस को दी गई कथित चेतावनी को लेकर क्रेमलिन ने रिपोर्टों को खारिज कर दिया है. राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि इन दिनों रूस को लेकर कई डराने वाली खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन इनका रूस की असली मंशा से कोई संबंध नहीं है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सीआईए प्रमुख की यात्रा को ज्यादा अहमियत नहीं दी. उन्होंने इसे सामान्य तरह की यात्रा बताया. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या रैटक्लिफ ने रूस को नाटो पर हमला न करने की चेतावनी दी थी, तो ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि रूस ऐसा हमला करने नहीं जा रहा है.

यूरोप में मिसाइल रक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इसी बीच यूरोप की सुरक्षा को लेकर एक और चिंता सामने आई है. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप में अमेरिकी सेना के पास उन्नत मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार काफी कम हो गया है. इसकी एक बड़ी वजह ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध बताया जा रहा है.

सबसे ज्यादा चिंता पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर को लेकर है. ये सिस्टम रूस की तेज रफ्तार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में अहम माने जाते हैं. नाटो अधिकारियों के अनुसार, यूरोप में अमेरिकी और नाटो सेनाओं के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर का स्टॉक काफी कम हो चुका है.

ऐसे में अगर रूस नाटो के किसी देश के खिलाफ हमला करता है तो यूरोप की मिसाइल रक्षा व्यवस्था पर बड़ा दबाव पड़ सकता है. इससे रूस और पश्चिमी देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ने की आशंका है.

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