कौन हैं सुधा रेड्डी? जिन्होंने Met Gala 2026 में पहना ₹142 करोड़ का नेकलेस, जानें क्या करती हैं काम

Met Gala 2026: दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला 2026 के रेड कार्पेट पर जब हैदराबाद की अरबपति सुधा रेड्डी की एंट्री हुई, तो सभी कैमरे और फोटोग्राफर्स की निगाहें उन पर टिक गईं.

sudha reddy wore 142 crore necklace at met gala
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Met Gala 2026: दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला 2026 के रेड कार्पेट पर जब हैदराबाद की अरबपति सुधा रेड्डी की एंट्री हुई, तो सभी कैमरे और फोटोग्राफर्स की निगाहें उन पर टिक गईं. अपनी शाही अंदाज और शानदार गहनों के लिए मशहूर सुधा ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर न केवल अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति की झलक भी पेश की.

142 करोड़ का शानदार नेकलेस

सुधा रेड्डी के लुक में सबसे ज्यादा ध्यान उनके गले के हार ने खींचा. यह हार, जिसकी कीमत लगभग 15 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹142 करोड़ बताई जा रही है, उनकी निजी कलेक्शन का हिस्सा है. ‘क्वीन ऑफ मेरेलानी’ नामक इस नेकलेस में तंजानिया से लाए गए 550 कैरेट के गहरे बैंगनी-नीले तंजानाइट रत्न जड़े हैं. विक्टोरियन स्टाइल में तैयार इस हार को रोज-कट हीरों से सजाया गया है. आमतौर पर हस्तियां गहने उधार लेती हैं, लेकिन यह हार सुधा रेड्डी का व्यक्तिगत खजाना है.

कौन हैं सुधा रेड्डी?

सुधा रेड्डी हैदराबाद के बड़े ट्रेडिंग ग्रुप MEIL (मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) के डायरेक्टर कृष्ण रेड्डी की पत्नी हैं. लेकिन वे सिर्फ बिजनेस टाइकून की पत्नी के रूप में ही नहीं जानी जातीं. सुधा MEIL ग्रुप के मैनेजमेंट में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं और एक सफल बिजनेसवुमन हैं. इसके अलावा, वे ‘सुधा रेड्डी फाउंडेशन’ की फाउंडर हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल कल्याण के क्षेत्र में काम करता है. उनकी ग्लैमर लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय फैशन इवेंट्स में सक्रिय भागीदारी उन्हें वैश्विक पहचान देती है.

मेट गाला में भारतीय कला की झलक

इस बार मेट गाला में सुधा रेड्डी ने मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा का तैयार किया खास आउटफिट पहना, जो ट्रेडिशनल कलमकारी आर्ट से प्रेरित था. ‘ट्री ऑफ लाइफ’ थीम पर आधारित इस ड्रेस को बनाने में 90 से अधिक कारीगरों ने काम किया और इसे तैयार होने में कुल 3400 घंटे लगे. यह लुक भारतीय संस्कृति और हस्तकला की एक शानदार झलक पेश करता है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारतीय कलात्मक धरोहर को गौरवान्वित किया.

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