क्या बदल रही है दक्षिण एशिया की रणनीति? 1971 के बाद पहली बार बांग्लादेश पहुंचा पाकिस्तानी युद्धपोत

Pakistan Frigate In Bangladesh: दक्षिण एशिया के समुद्री मोर्चे पर अचानक हलचल बढ़ गई है. पाकिस्तान और बांग्लादेश, जिनके रिश्ते दशकों तक ठंडे पड़े रहे, अब एक बार फिर गर्माहट दिखा रहे हैं.

strategy of South Asia changing Pakistani warship reached Bangladesh for the first time since 1971
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Pakistan Frigate In Bangladesh: दक्षिण एशिया के समुद्री मोर्चे पर अचानक हलचल बढ़ गई है. पाकिस्तान और बांग्लादेश, जिनके रिश्ते दशकों तक ठंडे पड़े रहे, अब एक बार फिर गर्माहट दिखा रहे हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान की नौसेना का युद्धपोत ‘पीएनएस सैफ’ (PNS SAIF) चार दिन की सद्भावना यात्रा पर बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह पहुंचा है. यह दौरा न सिर्फ दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ता है, बल्कि भारत के लिए एक अहम सामरिक संदेश भी माना जा रहा है.

बांग्लादेश की नौसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि पाकिस्तानी नौसेना का जुल्फिकार श्रेणी का फ्रिगेट ‘पीएनएस सैफ’ (FFG-253) चार दिवसीय सद्भावना यात्रा पर पहुंचा है. कैप्टन शुजात अब्बास राजा की कमान में आए इस जहाज का बांग्लादेशी नौसेना अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. बांग्लादेशी नौसेना ने इस यात्रा को “मैत्री और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने का प्रयास” बताया है. हालांकि सुरक्षा विश्लेषक इसे पाकिस्तान की नई “रणनीतिक कूटनीति” के हिस्से के रूप में देख रहे हैं.

पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख भी बांग्लादेश में मौजूद

यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीन अशरफ बांग्लादेश के आधिकारिक दौरे पर हैं. उनका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना बताया गया है.

दरअसल, पिछले महीने ही पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने भी बांग्लादेश का दौरा किया था. उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस और सेना प्रमुख से मुलाकात की थी. लगातार हो रहे इन सैन्य संपर्कों से संकेत मिलते हैं कि इस्लामाबाद ढाका के साथ रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश में है.

1971 के बाद पहली यात्रा

विशेषज्ञों के अनुसार, 1971 के युद्ध के बाद पहली बार किसी पाकिस्तानी युद्धपोत ने बांग्लादेश का दौरा किया है. यह प्रतीकात्मक कदम दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी को दर्शाता है.

हालांकि, इस दौरे के समय को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच पाकिस्तान अब बांग्लादेश को अपनी नई रणनीति में शामिल करने की कोशिश करता दिख रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि इस्लामाबाद “भारत को क्षेत्रीय रूप से घेरने” की नीति पर काम कर रहा है.

भारत के लिए क्या मायने?

भारत, बांग्लादेश का सबसे करीबी रणनीतिक और आर्थिक साझेदार रहा है. ऐसे में बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य नजदीकियां नई दिल्ली के लिए चिंताजनक संकेत हो सकती हैं.

हालांकि, बांग्लादेश ने फिलहाल इस यात्रा को केवल “सद्भावना मिशन” बताया है और कहा है कि यह किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है. लेकिन क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण एशिया की समुद्री राजनीति में यह कदम नई हलचल ला सकता है.

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