Sports Governance Conclave: भारत के विकसित राष्ट्र बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप यह सम्मेलन खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न मानकर, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और वैश्विक पहचान का मजबूत माध्यम मानते हुए आयोजित किया जा रहा है. बदलते समय के साथ ‘खेलो भारत’ नीति भी विकसित हो रही है और ऐसे में सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों को एक साझा विज़न, नीति और कार्ययोजना के अंतर्गत लाना बेहद ज़रूरी हो गया है. यह सम्मेलन इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
मौजूदा खेल नीति का केंद्र बिंदु खिलाड़ी हैं. प्रशिक्षण, सुविधाएं, खेल विज्ञान और करियर सुरक्षा जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी जा रही है. यह सम्मेलन राष्ट्रीय खेल महासंघों के भीतर खिलाड़ी-केंद्रित सोच को और मजबूत करने का अवसर देगा, ताकि नीतियां केवल आयोजनों तक सीमित न रहकर खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा सकें.
आयोजन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक लक्ष्य होंगे प्राथमिकता
इस बैठक का उद्देश्य महासंघों को अल्पकालिक या केवल टूर्नामेंट-केंद्रित योजनाओं से आगे ले जाना है. सम्मेलन के दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि सभी महासंघ अपने कार्यों और रणनीतियों को देश के दीर्घकालिक खेल लक्ष्यों के साथ संरेखित करें, जिससे भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत स्थिति बना सके.
खेल प्रशासन में पारदर्शिता और पेशेवर दृष्टिकोण
सम्मेलन खेल प्रशासन में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यहां पारदर्शी, जवाबदेह और पेशेवर खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर गहन विचार-विमर्श होगा, ताकि शासन संरचना मजबूत हो और खेल संस्थानों में विश्वास बढ़े.
अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट्स की तैयारी पर सामूहिक समीक्षा
आने वाले वर्षों में भारत द्वारा बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेज़बानी की योजनाओं को लेकर भी इस सम्मेलन में चर्चा होगी. विशेष रूप से 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और भविष्य में ओलंपिक आयोजन की महत्वाकांक्षा को देखते हुए, राष्ट्रीय खेल महासंघों की बढ़ती जिम्मेदारियों को समझना और उस पर तैयारी करना आवश्यक माना जा रहा है.
सरकार, IOA और महासंघों के बीच बेहतर समन्वय
यह मंच सरकार, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और राष्ट्रीय खेल महासंघों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करने में मदद करेगा. सम्मेलन के साथ IOA की जनरल बॉडी बैठक का आयोजन ओलंपिक आंदोलन के भीतर संस्थागत तालमेल को और सुदृढ़ करेगा.
सम्मेलन से क्या हैं अपेक्षित नतीजे
इस बैठक से भारत के दीर्घकालिक खेल रोडमैप और प्राथमिकताओं को लेकर साझा समझ बनने की उम्मीद है. राष्ट्रीय खेल महासंघों से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे समयबद्ध शासन और संरचनात्मक सुधारों के लिए ठोस प्रतिबद्धता दिखाएं. खिलाड़ी विकास की स्पष्ट रणनीति, खेल विज्ञान का बेहतर समावेशन और जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने पर भी बेहतर तालमेल बनेगा.
भारत की मेज़बानी क्षमता को मिलेगा नया आत्मविश्वास
महासंघों से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे भारत में अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं. अहमदाबाद का चयन इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक स्तर के बहु-खेल आयोजनों की मेज़बानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है. प्रतिनिधियों द्वारा प्रमुख खेल और आयोजन स्थलों का दौरा बुनियादी ढांचे और संचालन की व्यावहारिक समझ को और गहरा करेगा.
वैश्विक खेल मंच पर भारत की मजबूत मौजूदगी का लक्ष्य
कुल मिलाकर, यह सम्मेलन राष्ट्रीय खेल महासंघों को अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए प्रेरित करेगा. इससे न केवल खेल प्रशासन मजबूत होगा, बल्कि भारत की वैश्विक खेल पहचान भी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद है.
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