21 तोपों की सलामी, 1100 ड्रोन, 31 किलो का केक... जानें कहां मना कान्हा का अनोखा जन्मदिन

Shrinath Ji Janmashtami Celebration: देशभर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया और उनका अभिषेक कर भक्तों ने एक-दूसरे को बधाई दी.

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Shrinath Ji Janmashtami Celebration: देशभर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया और उनका अभिषेक कर भक्तों ने एक-दूसरे को बधाई दी. राजस्थान के कई मंदिरों में इस दौरान खास आयोजन किए गए. कहीं श्रीकृष्ण को 21 तोपों की सलामी दी गई, तो कहीं 1100 ड्रोन की रोशनी से आसमान में भगवान के जन्म और उनकी लीलाओं की तस्वीरें बनाई गईं. 

एक मंदिर में 31 किलो का पाग का केक तैयार किया गया, जबकि जयपुर के एक मंदिर में 425 लीटर दूध और 365 किलो दही से भगवान का अभिषेक हुआ. इनमें से कई आयोजन मंदिरों में लंबे समय से चली आ रही परंपराओं का हिस्सा भी हैं.

श्रीनाथजी को दी गई 21 तोपों की सलामी

राजस्थान के नाथद्वारा स्थित प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव खास रहा. मंदिर में करीब 353 साल पुरानी परंपरा के तहत रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण को 21 तोपों की सलामी दी गई. इस खास पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे. मंदिर में यह सलामी दो तोपों से दी जाती है. इन्हें नर और मादा तोप के नाम से जाना जाता है.

सांवलियाजी मंदिर में 1100 ड्रोन का शो

चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर में भी जन्माष्टमी के मौके पर खास ड्रोन शो हुआ. करीब तीन साल बाद आयोजित किए गए इस शो में रात 8 बजे एक साथ 1100 ड्रोन आसमान में उड़ाए गए.

ड्रोनों की रोशनी से आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनसे जुड़ी कथाओं की अलग-अलग आकृतियां बनाई गईं. इसके साथ ही श्री सांवलियाजी मंदिर और सांवरा सेठ की तस्वीरें भी आसमान में दिखाई गईं.

गोविंद देवजी मंदिर में दूध-दही से अभिषेक

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में भी आधी रात को भगवान के जन्म के बाद विशेष अभिषेक किया गया. इस दौरान 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया गया. अभिषेक के बाद भगवान को रबड़ी, लड्डू और पंजीरी का भोग लगाया गया. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-गोविंदा’ के जयकारों से गूंजता रहा.

बांके बिहारी मंदिर में बनाया गया 31 किलो का केक

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भी जन्माष्टमी का उत्सव खास रहा. इस मौके पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त मथुरा और वृंदावन पहुंचे. यहां होने वाली मंगला आरती सबसे खास मानी जाती है, क्योंकि यह साल में सिर्फ एक बार होती है.

आरती के लिए भक्त शाम से ही मंदिर में जुटने लगे थे. रात 1.55 बजे हुई मंगला आरती में करीब 600 श्रद्धालु शामिल हुए. इस बार ठाकुरजी के लिए 31 किलो का पाग का केक भी तैयार किया गया था. आगरा के एक प्रसिद्ध हलवाई ने इसे बनाया था. केक को ड्राई फ्रूट, चॉकलेट और जेली से तैयार किया गया.

120 करोड़ के आभूषणों से हुआ श्रृंगार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के एक कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया. बताया गया कि इस दौरान करीब 120 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों से भगवान को सजाया गया.

इन आभूषणों में सोना, चांदी, हीरे, मोती, पन्ना, माणिक और पुखराज जैसे कीमती रत्न शामिल थे. भगवान श्रीकृष्ण को रत्नजड़ित मुकुट भी पहनाया गया, जिसकी कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई.

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