सोनपुर: बिहार की राजधानी पटना से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर सोनपुर में बनने वाला नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा न सिर्फ राज्य की पहचान को नई दिशा देगा, बल्कि यह पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की ओर अग्रसर होगा. यह परियोजना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी, और भारतीय विमानन उद्योग में भी अपनी महत्वपूर्ण जगह बनाएगी. पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने इसे एक ऐतिहासिक पहल करार दिया है, जिसे अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
सोनपुर एयरपोर्ट: ऐतिहासिक मील का पत्थर
राजीव प्रताप रूडी ने बिहार भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस हवाई अड्डे के निर्माण को राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया. उनका कहना था कि यह एयरपोर्ट सिर्फ छपरा और पटना ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक वरदान होगा. यह परियोजना उनके राजनीतिक जीवन का एक बड़ा लक्ष्य था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है. यह हवाई अड्डा मध्य भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनेगा, जो आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर प्रदान करेगा.
5,000 एकड़ में फैला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा
सोनपुर एयरपोर्ट का निर्माण 4200 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा, जो इसे न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर एक विशाल हवाई अड्डा बनाएगा. इस एयरपोर्ट की संरचना को ऐसे डिजाइन किया जाएगा कि यह पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्व भारत, भूटान और नेपाल से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख कनेक्टिविटी हब बने. यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा राज्य के कई प्रमुख सड़कों से जुड़ा होगा, जिससे यातायात की सुविधाएं और भी बेहतर होंगी.
किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण में जिन किसानों की ज़मीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें रियल स्टेट के माध्यम से पांच गुना अधिक मुआवजा मिलेगा, जो उन्हें अपनी ज़मीन देने में कोई कठिनाई नहीं होने देगा. नीतीश सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है, जिससे राज्य में विकास की गति और तेज होगी.
एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में बनेगा सोनपुर एयरपोर्ट
यह हवाई अड्डा न केवल बिहार बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में से एक होगा. यह एयरपोर्ट पटना और सोनपुर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, भूटान, नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत के लिए एक महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित होगा. सोनपुर हवाई अड्डे से यात्रियों को यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशंस के लिए सीधी उड़ानें मिल सकेंगी.
बिहार को नई पहचान मिलने की दिशा में कदम
इस एयरपोर्ट के बनने से न केवल बिहार की आंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगी, बल्कि यह पूरे देश में एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में भी उभर सकता है. देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों जैसे जेवर, नवी मुंबई और बेंगलुरु के साथ इसे भी प्रमुख एयरपोर्टों की सूची में शामिल किया जाएगा. इस परियोजना का पूरा होना बिहार के विकास के स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत होगी और यह राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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