PM Suryaghar Yojana: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभा कक्ष में शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख शंभू तिवारी ने की. बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली. सभी ने योजना को समझने और अपने क्षेत्र में लागू करने को लेकर रुचि दिखाई.
कार्यशाला में योजना से जुड़े अधिकारी साकेत सिंह ने विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह योजना भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सहयोग से चलाई जा रही है. इसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है.
उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत ग्राम भारत इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत एजेंसी बनाया गया है, जो सोलर सिस्टम लगाने का काम करेगी.
हर वर्ग के लिए मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग उठा सकते हैं. घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है. इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा, जिसके बाद उनके घर या प्रतिष्ठान पर सोलर सिस्टम लगाया जाएगा.
कार्यशाला में बताया गया कि घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. खास बात यह है कि सोलर सिस्टम लगने के 14 दिनों के भीतर यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी. इससे लोगों को आर्थिक बोझ कम होगा और वे आसानी से इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध
तीन किलोवाट तक के सोलर सिस्टम के लिए लोगों को ऋण की सुविधा भी दी जा रही है. इसके लिए केवल आधार और पैन कार्ड की जरूरत होगी, आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है. इस ऋण पर सालाना छह प्रतिशत की दर से ब्याज लगेगा. सरकार ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना के तहत आसानी से ऋण उपलब्ध कराएं.
योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर पैनल पर 25 वर्ष की वारंटी दी जाएगी. वहीं सोलर इनवर्टर पर 8 वर्ष की वारंटी मिलेगी. इसके अलावा एजेंसी द्वारा पांच वर्षों तक मुफ्त देखभाल की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
अधिकारियों ने दी जरूरी जानकारी
बैठक में बीडीओ संजीव कुमार, अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ और बीपीआरओ सोनाली गुप्ता ने आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया. वहीं बिजली विभाग के अभियंताओं ने सोलर सिस्टम को तकनीकी मानकों के अनुसार लगाने पर जोर दिया, ताकि यह सुरक्षित और लंबे समय तक चल सके.
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे इस योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं. इससे अधिक लोग लाभान्वित होंगे और क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
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