विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तीसरे चरण में शामिल राज्यों में अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीखों में बदलाव किया गया है. कई राज्यों ने अलग-अलग प्रशासनिक और प्रक्रियागत कारणों का हवाला देते हुए तय कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है. कुछ राज्यों में यह बदलाव 11 दिन का है, जबकि महाराष्ट्र में अंतिम सूची जारी करने की तारीख करीब चार सप्ताह आगे खिसका दी गई है.
19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा एसआईआर
निर्वाचन आयोग ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के तीसरे चरण की शुरुआत की थी. इस प्रक्रिया के दायरे में करीब 36.73 करोड़ मतदाता शामिल हैं. तीसरे चरण में दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा और दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं.
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बढ़ी अंतिम सूची की तारीख
एसआईआर के नए कार्यक्रम के मुताबिक महाराष्ट्र में अंतिम मतदाता सूची अब 7 सितंबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी. वहीं कर्नाटक और दिल्ली में अंतिम सूची जारी करने की तारीख 20 दिन बढ़ाकर 27 अक्टूबर कर दी गई है. तेलंगाना में 18 दिन की देरी के बाद अब 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी. ओडिशा में तारीख 6 सितंबर से बढ़ाकर 21 सितंबर कर दी गई है. आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी अंतिम सूची जारी करने की तारीख 11-11 दिन आगे बढ़ाई गई है.
दूसरे चरण में भी कई बार बदला था कार्यक्रम
एसआईआर के दूसरे चरण के दौरान भी विभिन्न कारणों से चुनावी कार्यक्रम में बदलाव किए गए थे. बिहार में पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दावा किया था कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार के कई नागरिक मिले हैं. हालांकि, आयोग ने बाद में ऐसे लोगों की संख्या या ऐसे ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए, जिनसे यह साबित हो कि वे मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य नहीं थे.
एसआईआर को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले भी तीखी बहस देखने को मिली है. विपक्षी दलों ने बिहार में आयोग के दावों को आधार बनाते हुए आरोप लगाया था कि एसआईआर की आड़ में ऐसे मतदाताओं को निशाना बनाया जा सकता है, जो भाजपा और उसके सहयोगी दलों के समर्थन में नहीं हैं. तीसरे चरण में अंतिम मतदाता सूची की तारीखों में हुए बदलाव के बाद अब राज्यों में संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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