Delhi Blast Case: दिल्ली में लाल किला परिसर के पास हुए धमाके को एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था कि जांच एक नए मोड़ पर पहुँच गई. बुधवार, 26 नवंबर 2025 को एनआईए ने इस हाई-प्रोफाइल केस में गिरफ्तार किए गए दो अहम आरोपियों, शोएब और आमिर राशिद अली को अदालत में पेश किया.
जज अंजू बजाज चंदना की अदालत ने जहाँ शोएब को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेजा, वहीं आमिर राशिद को 7 दिन की रिमांड की मंजूरी दी गई. आमिर इस केस का पहला आरोपी है, जबकि शोएब सातवाँ यानी जांच अब अदालत की चौखट पर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है.
‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा या सिर्फ एक लिंक?
एनआईए का दावा है कि फरीदाबाद के धौज निवासी शोएब सिर्फ मदद करने वाला शख्स नहीं, बल्कि ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का एक सक्रिय हिस्सा है,ऐसा मॉड्यूल जिसे जम्मू पुलिस पहले ही उजागर कर चुकी है.
एजेंसी के मुताबिक शोएब ने केवल छुपाया नहीं, बल्कि लाल किले के पास विस्फोटक से भरी कार चलाने वाले डॉ. उमर उन-नबी को पनाह, संसाधन, रूट मैप और फरारी का पूरा सिस्टम उपलब्ध कराया. उसकी कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रेल्स ने एनआईए को कई चौंकाने वाली जानकारियों तक पहुँचाया है. एजेंसी को शक है कि शोएब किसी बड़े, संगठित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ हिस्सा हो सकता है.
एक बड़ा मॉड्यूल, कई राज्यों तक फैली कड़ियाँ
जांच एजेंसी ने अदालत में साफ कहा कि यह सिर्फ एक आत्मघाती हमले की कोशिश नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की कारगुज़ारी है. एनआईए के अनुसार, टीम कई सुरागों पर एक साथ काम कर रही है और पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी हैं.
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ भी इस अभियान का हिस्सा हैं. संदेह है कि उमर अकेला नहीं था बल्कि उसके पीछे एक ऐसी टीम थी जो तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक रूप से उसकी हर हरकत को सपोर्ट कर रही थी.
उमर को पनाह से लेकर विस्फोटक सपोर्ट तक,जांच में सामने आए अहम तथ्य
एनआईए की अब तक की पड़ताल बताती है कि उमर ने शोएब के घर में कई दिनों तक ठहराव किया था. इस दौरान उससे राहत पाने, विस्फोटक सामग्री जुटाने, और सुरक्षित निकलने के रास्तों की जानकारी उसी ने उपलब्ध कराई. कुछ डिजिटल एविडेंस और लोकल मूवमेंट रिकॉर्ड ऐसे संकेत दे रहे हैं कि यह नेटवर्क दिल्ली और एनसीआर के बाहर भी फैला हो सकता है. एनआईए मानकर चल रही है कि यह केस अभी शुरुआती स्तर पर है और मुख्य साजिशकर्ता या मास्टरमाइंड तक पहुँचना अभी बाकी है.
और तेज़ हो सकती है कार्रवाई
शोएब और आमिर दोनों की रिमांड से एजेंसी को पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं. लाल किला जैसे संवेदनशील इलाके में ब्लास्ट की कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में डाल दिया है, और पूरे देश में खुफिया निगरानी और सख्त कर दी गई है.
यह भी पढ़ें- देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को टर्बोचार्ज करने की तैयारी, कैबिनेट ने एक ही दिन में खोले निवेश के बड़े दरवाज़े