Amit Shah In Bihar: गृह मंत्री अमित शाह इस समय बिहार में दो दिवसीय दौरे पर हैं, आठ दिनों के अंदर उनका यह दूसरा आगमन है. पटना से निकलने के बाद आज उन्होंने पहले समस्तीपुर का रुख किया और बाद में अररिया में शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरे को भाजपा अंदरूनी तैयारी की दिशा में अगले विधानसभा चुनाव से जोड़ रही है. सबसे पहले शाह समस्तीपुर में सरायरंजन स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्षों, बूथ व मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद किया. बैठक में समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर आदि जिलों के नेता शामिल थे.
शाह ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि भाजपा चुनाव के समय आम सभाओं से अधिक कार्यकर्ता सम्मेलन को महत्व देती है. उनका कहना था कि हमारी जीत की असली बुनियाद कार्यकर्ता हैं, नेता निचले स्तर से जनता के बीच आते हैं, थोपे नहीं जाते. शाह ने अपना नेतृत्व कैसा दिखना चाहिए, इस बात का उदाहरण पीएम मोदी को देते हुए कहा कि पिछले 24 साल में मोदी ने कभी छुट्टी नहीं ली, हर दिन देश सेवा में लगे रहे.
फारबिसगंज (बिहार) में कोशी, पूर्णिया और भागलपुर क्षेत्र के मंडल स्तर तक के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहा हूँ। https://t.co/917c9kcxXe
— Amit Shah (@AmitShah) September 27, 2025
अररिया में शक्ति प्रदर्शन, सीमांचल में संदेश
समस्तीपुर से निकलने के बाद शाह अररिया के फारबिसगंज हवाई मैदान में पहुँचे, जहाँ उन्होंने लगभग नौ जिलों के पार्टी नेताओं और लगभग पांच हज़ार कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया. इन जिलों में पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर और बांका शामिल हैं.
उन्होंने इस दौरान दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया और यह कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार को फिर से सशक्त बनाना मुख्य मकसद है. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कुछ नेता गर्मी में विदेश भाग जाते हैं और यह कि वे घुसपैठियों की चिंता ज्यादा करते हैं बजाय बिहार के युवाओं की.
चुनावी रणनीति की बुनियाद रखी
इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि शाह ने कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लिया, बूथ स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया. सीमांचल के नौ जिलों को एक साथ जोड़कर पार्टी ने यह संकेत दिया कि इन ‘अनुकूल’ इलाकों को जीतने पर विशेष फोकस रहेगा.
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस संवाद कार्यक्रम से बूथ स्तर की रणनीति को आकार मिलेगा और आगामी चुनाव में बेहतर योजना बन पाएगी. स्थानीय कार्यकर्ता एवं समर्थक इस दौरे को उत्साह के साथ देख रहे हैं, कहीं आशा है, तो कहीं सवाल भी.
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