SCO Summit: पाकिस्तानी पीएम की भारी बेइज्जती! पुतिन-मोदी की जोड़ी के सामने पस्त दिखे शहबाज, जानें क्या है पूरा मामला

SCO Summit Modi Putin Shehbaz Video: तियानजिन में चल रहा SCO शिखर सम्मेलन महज एक डिप्लोमैटिक मीटिंग नहीं रहा, ये दृश्य अब किसी बॉलीवुड सीन से कम नहीं लग रहा, जहां कैमरे की फोकस तीन मुख्य किरदारों पर थी, मोदी, पुतिन और… दूर खड़े चुपचाप ताकते शहबाज शरीफ!

SCO Summit Huge humiliation for Pakistani PM!= Shahbaz looked defeated in front of Putin-Modi duo
Image Source: Social Media

SCO Summit Modi Putin Shehbaz Video: तियानजिन में चल रहा SCO शिखर सम्मेलन महज एक डिप्लोमैटिक मीटिंग नहीं रहा, ये दृश्य अब किसी बॉलीवुड सीन से कम नहीं लग रहा, जहां कैमरे की फोकस तीन मुख्य किरदारों पर थी, मोदी, पुतिन और… दूर खड़े चुपचाप ताकते शहबाज शरीफ!

समिट के दौरान एक दिलचस्प वीडियो वायरल हुआ है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आपस में गंभीर चर्चा में व्यस्त हैं और उनके पीछे खड़े पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उन्हें देखते रह जाते हैं, जैसे कोई परीक्षा में देर से पहुंचा छात्र क्लास में खड़े होकर बाकी दोस्तों की टॉपिक चर्चा सुन रहा हो.

SCO का नया अध्याय: कूटनीति, कैमरे और खामोशी

प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं और पुतिन पहले ही चीन के दौरे पर हैं. इस बैठक की टाइमिंग खास है, एक ओर भारत-पाक संघर्ष की पृष्ठभूमि है, दूसरी ओर अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने का मुद्दा. ऐसे में SCO समिट सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि जियो-पॉलिटिक्स का लाइव शो बन चुका है.

जब कैमरा रुका और x जाग उठा

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें मोदी और पुतिन साथ चल रहे हैं और पीछे अकेले खड़े पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एकदम मौन मुद्रा में, बिना कोई संवाद के. कोई कह रहा है, "बेजान रिश्तों की तस्वीर में शरीफ साहब बस फ्रेम भरने आए थे", तो कोई बोल रहा: "बिग बॉस SCO एडिशन में कैप्टेंसी टास्क हार गए शरीफ जी!"

राजनीति के पीछे की रणनीति

यह दृश्य सिर्फ इत्तेफाक नहीं था, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी गहरे हैं. 

भारत-रूस की दोस्ती पर मुहर- मोदी और पुतिन का खुला संवाद दिखाता है कि तेल, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिबंधों के बीच दोनों देश एक जैसी भाषा बोल रहे हैं.

चीन की मेज़बानी में ‘डिस्टेंसिंग डिप्लोमेसी’- भारत और पाकिस्तान एक ही मंच पर जरूर थे, लेकिन संवाद की बजाय चुप्पी रही ज़्यादा मुखर.

ट्रंप का ‘टैरिफ तमाशा’- अमेरिका की नजर अब SCO पर टिकी है, क्योंकि यहां उसकी नीतियों की अनदेखी खुले मंच से हो रही है.

क्या अमेरिका को मिला संदेश?

माना जा रहा है कि SCO मंच से मोदी, पुतिन और जिनपिंग के बीच हँसी-मज़ाक और आपसी तालमेल के दृश्य अमेरिका के लिए एक चुभती तस्वीर बन सकते हैं. जब रूस पर लगे बैन के बावजूद भारत ने तेल खरीदना जारी रखा, तब SCO में इस मजबूत साझेदारी का सार्वजनिक प्रदर्शन ट्रंप के लिए एक डिप्लोमैटिक झटका हो सकता है.

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