दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है. राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मुफ्त बस यात्रा को ज्यादा स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार जल्द ही ‘सहेली’ पिंक कार्ड योजना की शुरुआत करने जा रही है. यह योजना भाई दूज के आसपास लागू की जाएगी और इसका लाभ राजधानी के लाखों नागरिकों को मिलेगा.
अब तक दिल्ली की डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए कागज़ी टिकट दिए जाते थे. लेकिन इस प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए पिंक कार्ड की सुविधा शुरू की जा रही है. यह कार्ड महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को एक बार में जारी किया जाएगा और बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी. इसे यात्रा के दौरान कार्ड रीडर पर टैप कर बस में चढ़ने की पुष्टि की जा सकेगी. डीटीसी और क्लस्टर बसों में कार्ड रीडिंग मशीनों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है.
तीन रंग, तीन सुविधाएं
दिल्ली सरकार इस योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी करेगी. पिंक कार्ड, जो राजधानी की महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त बस सेवा की सुविधा देगा; ब्लू कार्ड, जो एक सामान्य प्रीपेड मोबिलिटी कार्ड होगा और किसी भी यात्री द्वारा इस्तेमाल किया जा सकेगा. ऑरेंज कार्ड, जो मासिक पास धारकों के लिए डिज़ाइन किया गया डिजिटल ट्रैवल पास होगा. तीनों कार्ड राष्ट्रीय सामान्य गतिशीलता कार्ड (NCMC) ढांचे पर आधारित होंगे, जिससे एक ही कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो, बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में भी किया जा सकेगा.
डिजिटल कार्ड, आसान प्रक्रिया
पिंक कार्ड केवल दिल्ली के वैध निवासियों को ही मिलेगा, और इसके लिए पता प्रमाण अनिवार्य होगा. कार्ड दो प्रकार के होंगे जीरो-केवाईसी कार्ड, जिसे मोबाइल नंबर और आधार OTP से तुरंत एक्टिवेट किया जा सकेगा. फुल-केवाईसी कार्ड, जिसमें यूज़र की फोटो और पूरी जानकारी शामिल होगी. यह कार्ड बैंकों से जारी होगा और इसे डेबिट कार्ड की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
बसों में यात्रियों की भागीदारी
दिल्ली की सार्वजनिक बसें प्रतिदिन लगभग 29 लाख यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2025 के बीच औसतन 14.3 लाख पुरुष और 14.8 लाख महिलाएं प्रतिदिन बसों में सफर करती रहीं. इसी अवधि में 7.3 लाख सामान्य ट्रैवल पास और 3.5 लाख रियायती पास जारी किए गए. नई योजना के लागू होने से इन यात्रियों को एक ज्यादा व्यवस्थित और डिजिटल यात्रा अनुभव मिलेगा.
एक कदम आगे, सुरक्षित और स्मार्ट सफर की ओर
दिल्ली सरकार की इस पहल का मकसद सिर्फ मुफ्त यात्रा सुविधा देना नहीं है, बल्कि इसे तकनीकी रूप से उन्नत और यात्रियों के लिए ज्यादा सुगम बनाना है. पिंक कार्ड से न केवल महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि परिवहन व्यवस्था में एकरूपता और पारदर्शिता भी आएगी.
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