'हम कागजी शेर नहीं, भालू हैं, यूक्रेन का हालत देख लो...' रूस ने ट्रंप को दिया करारा जवाब! जानें मामला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस को "कागजी शेर" कहे जाने पर मॉस्को ने सख्त प्रतिक्रिया दी है.

Russias befitting reply to Trump After Calls It Paper Tiger
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

मॉस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस को "कागजी शेर" कहे जाने पर मॉस्को ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. क्रेमलिन ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा है कि रूस एक 'भालू' है, न कि कोई काल्पनिक कागजी जानवर. इसके साथ ही, रूस ने दावा किया कि उसकी सेना यूक्रेन में लगातार सफलता की ओर बढ़ रही है और उसकी अर्थव्यवस्था अभी भी स्थिर बनी हुई है, चाहे पश्चिमी प्रतिबंध कुछ भी कहें.

ट्रंप ने क्या कहा था?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर हाल ही में एक बयान में कहा था कि रूस आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हो चुका है और यूक्रेन के पास यह सही समय है कि वह कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस ले ले. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूक्रेनी सेना रूस के कब्जे वाली पूरी ज़मीन को पुनः प्राप्त करने में सक्षम है, यदि वह तुरंत और निर्णायक कार्रवाई करे.

ट्रंप ने लिखा, "पुतिन और रूस अब आर्थिक संकट में हैं, और यूक्रेन के लिए यह सही वक्त है जवाबी कदम उठाने का."

रूस की तीखी प्रतिक्रिया: हम कागजी शेर नहीं

ट्रंप की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ट्रंप के आकलन को "एकतरफा" और "तथ्यहीन" बताया. उन्होंने कहा कि रूस को किसी भी तरह से कमजोर आंकना एक बड़ी भूल होगी. पेसकोव ने एक रूसी रेडियो चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "रूस को कागजी शेर कहना पूरी तरह गलत है. रूस कोई बाघ नहीं है, हम भालू हैं और भालू कभी कागज पर नहीं बना करता. रूस की पहचान लचीलापन और ठोस सैन्य शक्ति से होती है."

पेसकोव ने यह भी कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था भले ही कुछ दबावों से जूझ रही हो, लेकिन यह स्थायित्व बनाए रखे हुए है और किसी भी बाहरी दबाव से झुकने वाली नहीं है.

यूक्रेन में सैन्य स्थिति को लेकर रूस का दावा

क्रेमलिन प्रवक्ता के अनुसार, रूस की सेना यूक्रेन में एक ‘सुनियोजित और सतर्क’ अभियान चला रही है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि रूस की रणनीति है कम से कम नुकसान में ज़मीन पर बढ़त बनाना, न कि जल्दबाज़ी में निर्णायक हमले करना.

पेसकोव ने कहा, "हमारी सेना यूक्रेन में बेहद रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रही है. हमारी प्राथमिकता है कि हम आक्रामक क्षमता को बनाए रखें और नुकसान को कम करें. यह लड़ाई जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर लड़ी जा रही है."

उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश या पक्ष अभी बातचीत को नजरअंदाज कर रहे हैं, उनके लिए भविष्य में हालात और कठिन होने वाले हैं.

रूस की अर्थव्यवस्था को लेकर क्या कहा?

रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते आर्थिक मोर्चे पर जरूर कुछ चुनौतियाँ आई हैं, लेकिन पेसकोव ने दावा किया कि देश ने व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है. उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक दबाव केवल प्रतिबंधों की वजह से नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी इसमें योगदान दिया है.

पेसकोव ने कहा, "हमें कई क्षेत्रों में चुनौतियाँ झेलनी पड़ रही हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हम टूटने की कगार पर हैं. वैश्विक मंदी और आर्थिक उथल-पुथल के बीच रूस स्थिर बना हुआ है."

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