12 घंटे तक यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला, 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं

Russia Ukraine Conflict: रविवार की सुबह यूक्रेन के लिए सिर्फ एक और दिन नहीं था, बल्कि वह दिन बन गया जब आसमान से मौत बरसी और वह भी 12 घंटे तक लगातार. रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे विनाशकारी और सुनियोजित हवाई हमला किया, जिसमें करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागी गईं.

Russia launched a 12-hour fierce attack on Ukraine firing 500 drones and 40 missiles
Russia launched a 12-hour fierce attack on Ukraine firing 500 drones and 40 missiles

Russia Ukraine Conflict: रविवार की सुबह यूक्रेन के लिए सिर्फ एक और दिन नहीं था, बल्कि वह दिन बन गया जब आसमान से मौत बरसी और वह भी 12 घंटे तक लगातार. रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे विनाशकारी और सुनियोजित हवाई हमला किया, जिसमें करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागी गईं. इन मिसाइलों में खतरनाक हाइपरसोनिक किंझाल (Kinzhal) भी शामिल थी, जिसे रोक पाना मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद कठिन माना जाता है.

यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, यह एक राजनीतिक और मानवीय संदेश भी था, और शायद रूस की तरफ से एक चेतावनी भी.

कीव बना 'ग्राउंड ज़ीरो'

इस व्यापक हमले का सबसे बड़ा निशाना बना यूक्रेन की राजधानी कीव, जहां की कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग पर सीधा हमला हुआ. वहां इलाज करा रहे मरीजों के लिए यह हमला किसी बुरे सपने से कम नहीं था. एक 12 साल की बच्ची समेत 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 40 से ज्यादा घायल हो गए. इसके अलावा ओडेसा, जापोरिज्जिया, सुमी, मिकोलेव, चेर्नीहीव और खमेलनित्सकी जैसे शहरों को भी नहीं बख्शा गया. ब्रेड फैक्ट्रियों से लेकर टायर कंपनियों तक, रिहायशी इलाकों से लेकर अस्पतालों तक कोई सुरक्षित नहीं था.

जेलेंस्की का दर्द और गुस्सा

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को “जानबूझकर किए गए आतंक का रूप” बताया. उनका कहना है, “रूस अब भी शांति नहीं, बल्कि युद्ध की भाषा बोल रहा है. यह हमला सिर्फ इमारतों पर नहीं, बल्कि इंसानियत पर किया गया है.”

जेलेंस्की ने अमेरिका, यूरोप और बाकी वैश्विक समुदाय से अपील की कि रूस की ऊर्जा आपूर्ति पर रोक लगाई जाए और उस पर और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं.

रूस की दोहरी रणनीति, हमला भी, शर्तों वाली शांति भी

जहां एक ओर मिसाइलें आसमान से कहर बरपा रही थीं, वहीं दूसरी ओर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव शांति की बात कर रहे थे, बेशक शर्तों के साथ. रूस ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन पहले उसकी सुरक्षा चिंताओं और रूसी भाषी आबादी के अधिकारों को सम्मान मिलना चाहिए.

यह प्रस्ताव सुनकर यूक्रेन का जवाब साफ था, हमले का जवाब मिलेगा, और शांति तभी संभव है जब वैश्विक समर्थन साथ हो.

क्या यह युद्ध का नया चरण है?

इस हमले का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है. यह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के कुछ ही दिन बाद हुआ है, जब पूरी दुनिया ने मंच पर शांति, संघर्ष और सहयोग की बातें की थीं. लेकिन रूस ने शायद दिखा दिया कि वह अपनी रणनीति खुद तय करता है और इसमें अंतरराष्ट्रीय भावनाओं की गुंजाइश नहीं.

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, “अगर रूस को समय रहते रोका नहीं गया, तो वह हर सीमा लांघने के लिए तैयार है. अगला निशाना कौन होगा, यह कोई नहीं जानता.”

मानवता के खिलाफ हमला?

रूस के इस हमले की प्रकृति और पैमाना देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या यह सिर्फ युद्ध है, या एक मानवता के खिलाफ सुनियोजित हमला? बच्चों की मौत, अस्पतालों पर हमला, नागरिकों की चीखें, और तबाही के मंजर, ये सब कुछ हमें याद दिलाते हैं कि युद्ध सिर्फ टैंकों और मिसाइलों की लड़ाई नहीं होती, वह लोगों के भविष्य, सपनों और जिंदगियों को निगलता है.

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