आधुनिक युद्ध तकनीकों की दुनिया में एक बार फिर रूस ने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी हवाई शक्ति को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है. पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और धार दी है. इसी कड़ी में हाल ही में Su-35S नामक अत्याधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट को रूसी वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया है, जिसने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है.
Su-35S को रूसी पायलट हवा का "शेर" कहते हैं, और यह नाम ऐसे ही नहीं पड़ा. यह विमान अपनी स्पीड, हथियार प्रणाली, रडार क्षमताओं और हवा में चौंकाने वाले करतबों के चलते दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट्स में गिना जाता है.
डील और डिलीवरी: दबाव के बावजूद उत्पादन जारी
United Aircraft Corporation (UAC) ने इस फाइटर जेट का नया बैच रूस के रक्षा मंत्रालय को सौंप दिया है. खास बात यह है कि यह आपूर्ति ऐसे समय में हुई है जब रूस पर पश्चिमी देशों के कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू हैं. फिर भी जेट का उत्पादन बिना रुके जारी है, जो रूस की आत्मनिर्भरता और सैन्य दृढ़ता को दर्शाता है.
गति और मारक क्षमता
Su-35S चौथी पीढ़ी का 4 श्रेणी का फाइटर जेट है, जो लगभग Mach 2.25 (लगभग 2400 किमी/घंटा) की रफ्तार से उड़ सकता है. इसकी ऑपरेशनल रेंज 3600 किमी है, और यह 18,000 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से पहुंच सकता है. सुपरसोनिक उड़ान के लिए इसमें सुपरक्रूज़ तकनीक भी है, जिससे यह आफ्टरबर्नर के बिना भी तेज गति से उड़ सकता है.
अभूतपूर्व हथियार प्रणाली
इस विमान में कुल 12 हार्डप्वाइंट्स हैं, जिन पर कई प्रकार की मिसाइलें और बम तैनात किए जा सकते हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें. ज़मीन और समुद्र पर अटैक करने के लिए एयर-टू-ग्राउंड और एंटी-शिप मिसाइलें. नजदीकी युद्ध के लिए घातक 30 मिमी ऑटोमेटिक गन. यह जेट एक साथ कई मोर्चों पर दुश्मन के लिए काल बन सकता है.
स्मार्ट रडार और निगरानी प्रणाली
Su-35S की सबसे बड़ी ताकत इसका Irbis-E रडार है, जो 400 किमी दूर तक के टारगेट को ट्रैक करने की क्षमता रखता है. यह सिस्टम एक साथ 30 लक्ष्यों पर नज़र रख सकता है और 8 पर सटीक हमला कर सकता है. इसके अलावा इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और इंफ्रारेड सेंसर भी मौजूद हैं, जो इसे हर परिस्थिति में एक कदम आगे रखते हैं.
हवा में चौंकाने वाले करतब
Su-35S अपने थ्रस्ट-वेक्टरिंग इंजन की मदद से हवा में ऐसे-ऐसे करतब कर सकता है जिन्हें देख कर दुश्मन चकित रह जाते हैं. यह ‘कोबरा मैन्यूवर’ और ‘टेल स्लाइड’ जैसे हाई लेवल एरोबेटिक मूव्स करने में सक्षम है, जो सिर्फ कुछ ही विमानों की खासियत है.
स्टील्थ जैसा प्रभाव और लंबी सेवा अवधि
हालांकि यह फाइटर पूरी तरह से स्टील्थ नहीं है, लेकिन इसकी बनावट और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इसे काफी हद तक रडार की पकड़ से बचा लेते हैं. इसकी सेवा अवधि लगभग 30 वर्षों की है, यानी आने वाले दशकों तक यह रूस की वायुशक्ति का मजबूत स्तंभ बना रहेगा.
रूस का स्पष्ट संदेश
Su-35S की लगातार हो रही डिलीवरी यह संकेत देती है कि रूस वैश्विक फाइटर जेट रेस में पीछे नहीं हटने वाला. यह केवल एक विमान नहीं, बल्कि रूस की हवाई शक्ति और रणनीतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है.
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