यूक्रेन एक बार फिर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आग में झुलस गया. रातभर चले इन हमलों ने कई रिहायशी इलाकों को खंडहर में बदल दिया है. देश भर में धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं और सुबह होते-होते तबाही के निशान हर शहर में नजर आने लगे. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि रूस के इस व्यापक हमले में तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हुए हैं.
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि रूस ने इस बार हमला बेहद बड़े पैमाने पर किया. रिहायशी इलाकों, ऊर्जा ढांचे और नागरिक निर्माण कंपनियों को निशाना बनाते हुए करीब 580 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागी गईं.राष्ट्रपति ने इसे यूक्रेनी जनता को डराने और देश की बुनियादी संरचनाओं को बर्बाद करने की रूस की “सोची-समझी रणनीति” बताया. उन्होंने कहा कि इन हमलों का कोई सैन्य उद्देश्य नहीं, बल्कि नागरिकों को आतंकित करना ही इसका मकसद है.
खंडहर बने घर और जलती कारें—सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें
हमले के बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं. टूट चुकी खिड़कियां, कंक्रीट के ढेर में बदले मकान और धुएं से ढका आसमान यूक्रेन की पीड़ा को साफ बयां कर रहे हैं.नीपर क्षेत्र के अधिकारियों ने पुष्टि की कि वहां एक व्यक्ति की मौत हुई और 26 लोग घायल हुए. चेर्निहीव और खमेलनित्सकी क्षेत्रों में भी दो और मौतों की पुष्टि की गई.कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं हुईं, कृषि गोदाम जलकर राख हो गए और कई स्थानों पर कारें आग की लपटों में घिर गईं. यूक्रेनी वायु सेना का दावा है कि उसने 552 ड्रोन और 31 मिसाइलों को मार गिराया.
सैन्य मदद की गुहार, जेलेंस्की का दुनिया से संदेश
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फिर से अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से सैन्य सहायता बढ़ाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि रूस को रोकने के लिए केवल यूक्रेन का प्रयास काफी नहीं है, बल्कि सहयोगी देशों की मदद भी अत्यावश्यक है.जेलेंस्की ने लिखा, “यूक्रेन ने साबित किया है कि वह स्वयं की और यूरोप की रक्षा करने में सक्षम है, लेकिन एक मजबूत रक्षा कवच तभी बनेगा जब दुनिया एकजुट होकर खड़ी होगी.”
रूस के उकसावे पर वैश्विक प्रतिक्रिया—तनाव बढ़ने के संकेत
हमले के बाद कई देशों ने रूस की हालिया आक्रामक गतिविधियों पर चिंता जताई है. पोलैंड ने बताया कि दो रूसी फाइटर जेट्स ने बाल्टिक सागर में एक पोलिश तेल प्लेटफॉर्म के सुरक्षा क्षेत्र का उल्लंघन किया.इसके अलावा, एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में भी तीन रूसी लड़ाकू विमान घुस आए, जिन्हें बाद में इतालवी विमानों ने रोका. एस्टोनियाई प्रधानमंत्री क्रिस्टन माइकल ने कहा कि उनका देश नाटो अनुच्छेद 4 के तहत तुरंत परामर्श की मांग करेगा.
एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्सखना ने इसे “बेशर्म और अस्वीकार्य उल्लंघन” बताते हुए कहा कि रूस इस साल अब तक चार बार ऐसा कर चुका है.इसी मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ऐसी घटनाएं मुझे बिल्कुल पसंद नहीं हैं, यह बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती हैं.” ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने भी इसे “लापरवाह और खतरनाक” करार दिया.नाटो प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना रूस के "लापरवाह व्यवहार" और नाटो देशों की रक्षा क्षमता को चुनौती देने का एक और उदाहरण है. यूरोपीय देश इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर सुरक्षा संकट के रूप में देख रहे हैं.
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