Russia Bangladesh Rupee Trade: रूस अब बांग्लादेश के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए नई योजना पर काम कर रहा है. अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से रूस को अंतरराष्ट्रीय भुगतान में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में रूस ने बांग्लादेश के सामने भारतीय रुपये में कारोबार करने का प्रस्ताव रखा है.
इसके साथ ही दोनों देशों के बीच नई भुगतान व्यवस्था बनाने और ढाका में रूसी बैंक की शाखा खोलने पर भी चर्चा चल रही है. आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच अहम बैठक होने की उम्मीद है.
क्यों आया भारतीय रुपये में कारोबार का प्रस्ताव?
रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद उसके कई बैंक अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली से बाहर हो गए हैं. इसी कारण डॉलर में लेनदेन करना मुश्किल हो गया है. अब रूस चाहता है कि भारत की तरह बांग्लादेश के साथ भी कुछ कारोबार भारतीय रुपये में किया जाए.
भारत और रूस पहले से ही अपने कुछ व्यापार का भुगतान रुपये में करते हैं. वहीं बांग्लादेश भी भारत के साथ सीमित स्तर पर रुपये में कारोबार करता है. इसी अनुभव को देखते हुए रूस ने यह नया प्रस्ताव दिया है. बताया जा रहा है कि सितंबर या अक्टूबर में होने वाली दोनों देशों की संयुक्त बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी.
युद्ध के बाद कारोबार में आई बड़ी गिरावट
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने से पहले बांग्लादेश हर साल रूस को 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा का सामान भेजता था. लेकिन प्रतिबंधों और भुगतान की मुश्किलों के कारण यह कारोबार काफी कम हो गया.
मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई से मई के बीच बांग्लादेश का रूस को निर्यात करीब 24.5 करोड़ डॉलर ही रहा. हालांकि रूस अब भी बांग्लादेश को गेहूं, खाद और दूसरी जरूरी चीजों की आपूर्ति कर रहा है. रूस का मानना है कि अगर नई भुगतान व्यवस्था लागू हो जाती है तो दोनों देशों के बीच व्यापार फिर से तेजी पकड़ सकता है.
परमाणु परियोजना का भुगतान भी बना बड़ी चुनौती
रूपपुर परमाणु ऊर्जा परियोजना के लिए बांग्लादेश ने रूस से बड़ा कर्ज लिया था. लेकिन प्रतिबंधों के कारण उसकी किस्तें समय पर रूस तक नहीं पहुंच पा रही हैं. पहले चीनी युआन में भुगतान की कोशिश हुई थी, लेकिन कई बैंकों ने प्रतिबंधों के डर से इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.
फिलहाल बांग्लादेश किस्तों की रकम एक बैंक खाते में जमा कर रहा है, लेकिन वह पैसा अभी तक रूस तक नहीं पहुंच सका है. इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए दोनों देश नई भुगतान प्रणाली पर गंभीरता से काम कर रहे हैं.
बांग्लादेश को मिल सकता है सस्ता यूरिया
रूस ने बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय बाजार से करीब 10 डॉलर प्रति टन कम कीमत पर लगभग 2.8 लाख टन यूरिया देने का प्रस्ताव भी रखा है. इसके अलावा रूस सूरजमुखी तेल, गेहूं, चना, पीली मटर और दूसरी दालों की सप्लाई बढ़ाने का भी इच्छुक है.
दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए रूस व्यापार परिषद बनाने, छोटे उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने और बांग्लादेश में विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित करने जैसे प्रस्ताव भी रख सकता है.
तकनीक और ऊर्जा पर भी बढ़ेगा सहयोग
बांग्लादेश इस बैठक में तकनीकी सहयोग को सबसे ज्यादा महत्व देगा. वह नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि, खाद्य सुरक्षा, ई-कॉमर्स, कौशल विकास और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रूस के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहता है.
अगर दोनों देशों के बीच यह नई व्यवस्था लागू होती है तो रूस को प्रतिबंधों के बीच व्यापार का नया रास्ता मिलेगा, जबकि बांग्लादेश को सस्ता उर्वरक, आसान भुगतान व्यवस्था और तकनीकी सहयोग जैसे कई फायदे मिल सकते हैं. अब सभी की नजरें सितंबर-अक्टूबर में होने वाली दोनों देशों की अहम बैठक पर टिकी हैं.
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