लॉर्ड्स में गरजा 'हिटमैन' का बल्ला, ऐतिहासिक शतक लगाकर रोहित शर्मा ने संन्यास की खबरों पर लगाया फुल स्टॉप!

IND VS ENG: इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रिकॉर्ड शतक जड़कर संन्यास और टीम से बाहर किए जाने की अटकलों का दमदार जवाब दिया.

rohit-sharma-lords-century-retirement-rumours-india-england-odi
Image Source: Internet

IND VS ENG:  जब आलोचनाएं तेज थीं और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे थे, तब रोहित शर्मा ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे वनडे में रोहित ने कप्तानी पारी खेलते हुए लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शानदार शतक जड़ा. उनकी यह पारी सिर्फ टीम इंडिया के लिए उम्मीद की किरण नहीं बनी, बल्कि उन तमाम अटकलों को भी शांत कर गई, जिनमें उनके करियर को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे.

इंग्लैंड ने बनाया लॉर्ड्स का सबसे बड़ा वनडे स्कोर

लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और निर्धारित 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. यह लॉर्ड्स के इतिहास का सबसे बड़ा वनडे स्कोर भी बन गया. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए भारत को तेज और आक्रामक शुरुआत की जरूरत थी, जिसकी जिम्मेदारी रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने बखूबी निभाई.

रोहित और शुभमन ने दिलाई दमदार शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रनों की शानदार साझेदारी की. दोनों बल्लेबाज शुरुआत से ही सकारात्मक अंदाज में खेले और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा. गिल के आउट होने के बाद भी रोहित शर्मा ने अपनी लय नहीं खोई. उन्होंने पहले संयम से बल्लेबाजी की और फिर रन गति बढ़ाते हुए इंग्लिश गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए.

86 गेंदों में ऐतिहासिक शतक

रोहित शर्मा ने पहले 50 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद तेजी से रन बटोरते हुए सिर्फ 86 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. उन्होंने आदिल रशीद की गेंद पर चौका लगाकर इस यादगार उपलब्धि को हासिल किया. इस शतक के साथ रोहित शर्मा लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए. इससे पहले इस मैदान पर किसी भारतीय का सर्वोच्च वनडे स्कोर 92 रन था, जो सौरव गांगुली ने 2004 में बनाया था.

आलोचनाओं का बल्ले से दिया जवाब

यह शतक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में रोहित शर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे थे. दूसरे वनडे में उनके सिर्फ 26 रन बनाने के बाद उनके भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं.

कुछ रिपोर्टों में यहां तक दावा किया गया कि यह सीरीज उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की आखिरी सीरीज हो सकती है. हालांकि लॉर्ड्स में खेली गई इस शानदार पारी ने इन सभी चर्चाओं को पीछे छोड़ दिया और रोहित ने अपने प्रदर्शन से जवाब देना बेहतर समझा.

टीम इंडिया के लिए बड़ी राहत

रोहित शर्मा की यह पारी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि टीम इंडिया के आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम साबित हुई. बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में भरोसा जगाया कि मैच में वापसी की जा सकती है. अनुभव, धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए रोहित ने साबित कर दिया कि बड़े मैचों में उनका अनुभव अब भी टीम की सबसे बड़ी ताकत है.

इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई यादगार पारी

लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर शतक बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए विशेष उपलब्धि होती है. रोहित शर्मा ने इस ऐतिहासिक मैदान पर अपना नाम दर्ज कराते हुए भारतीय क्रिकेट के लिए एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया.

ये भी पढ़ें- IND vs ENG: लॉर्ड्स में रोहित-विराट की जोड़ी का बड़ा कारनामा, इस मामले में सचिन और द्रविड़ को छोड़ा पीछे