Rishabh Pant World Record: गॉल टेस्ट के चौथे दिन भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से एक बार फिर साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनका अंदाज सबसे अलग है. श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले की दूसरी पारी में पंत ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन क्रीज पर नजरें जमते ही उन्होंने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया.
पंत ने तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा को निशाना बनाते हुए लगातार बड़े शॉट लगाए और इसी दौरान टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का शतक पूरा कर इतिहास रच दिया. उन्होंने अपने करियर की सिर्फ 89वीं टेस्ट पारी में 100 छक्के पूरे किए और इस आंकड़े तक सबसे तेजी से पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए.
पंत ने 89वीं पारी में रचा बड़ा इतिहास
ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने के लिए सिर्फ 89 पारियों का समय लिया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम पारियों में छक्कों का शतक पूरा करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. पंत का यह रिकॉर्ड उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज को दर्शाता है. टेस्ट क्रिकेट में आमतौर पर बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिककर रन बनाने पर जोर देते हैं, लेकिन पंत ने अपने अलग अंदाज से इस प्रारूप में भी तेजी से रन बनाने की नई पहचान बनाई है.
लाहिरू कुमारा की गेंद पर पूरा किया छक्कों का शतक
दूसरी पारी में पंत ने शुरुआत में श्रीलंकाई गेंदबाजों को सम्मान दिया और परिस्थितियों को समझने की कोशिश की. जैसे-जैसे उनका आत्मविश्वास बढ़ा, उन्होंने अपने शॉट्स खेलने शुरू कर दिए. लाहिरू कुमारा की गेंद पर पंत ने पहले लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्का लगाया. इसके बाद कुमारा की ही गेंद पर उन्होंने फाइन लेग के ऊपर से अपने खास अंदाज में हुक शॉट खेलकर गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया. यही छक्का उनके टेस्ट करियर का 100वां छक्का बना.
53 गेंदों में पूरी की फिफ्टी
पंत ने केवल छक्कों का शतक ही पूरा नहीं किया, बल्कि अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार से श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव भी बनाया. उन्होंने महज 53 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स की भरमार देखने को मिली. शुरुआत में धैर्य दिखाने के बाद पंत ने जिस तरह अचानक बल्लेबाजी की गति बढ़ाई, उससे भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने में मदद मिली.
टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले चौथे बल्लेबाज
इस उपलब्धि के साथ ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं. हालांकि, सबसे कम पारियों में इस आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो गया. भारत की ओर से पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. यह उपलब्धि उनके करियर की आक्रामक बल्लेबाजी की पहचान को और मजबूत करती है.
डेब्यू के आठ साल बाद हासिल की बड़ी उपलब्धि
ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण करने के करीब आठ साल बाद यह खास मुकाम हासिल किया. इतने कम समय में 100 टेस्ट छक्कों तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है. पंत ने अपने टेस्ट करियर के दौरान कई बार मुश्किल परिस्थितियों में तेज बल्लेबाजी करके मैच का रुख बदला है. उनका यही आक्रामक अंदाज उन्हें टेस्ट क्रिकेट के दूसरे पारंपरिक बल्लेबाजों से अलग पहचान देता है.
पहली पारी में भी लगाया था छक्का
गॉल टेस्ट की पहली पारी में भी ऋषभ पंत ने 39 रन की पारी खेली थी और इस दौरान एक छक्का लगाया था. दूसरी पारी में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का स्तर और ऊपर उठाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया. मैच की स्थिति को देखते हुए भारतीय टीम का लक्ष्य तेजी से रन बनाकर श्रीलंका के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखना था. पंत की तेज पारी ने इसी रणनीति को मजबूती दी.
पंत के अंदाज ने फिर किया प्रभावित
ऋषभ पंत की बल्लेबाजी में सबसे खास बात उनकी परिस्थिति के अनुसार गियर बदलने की क्षमता है. गॉल की पिच पर शुरुआत में उन्होंने संयम दिखाया, लेकिन सेट होने के बाद उनके बल्ले से बड़े शॉट लगातार निकलने लगे. 100 टेस्ट छक्कों का आंकड़ा सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह बताता है कि पंत ने टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की एक अलग शैली को किस तरह स्थापित किया है. गॉल टेस्ट के चौथे दिन उनका प्रदर्शन इसी अंदाज की एक और मिसाल बन गया.
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