नई दिल्ली: दिल्ली में विकास के रास्ते पर तेजी से कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मंगलवार, 20 जनवरी को दिल्ली सचिवालय में आयोजित फाइनेंस कमेटी की बैठक में साउथ दिल्ली में एलिवेटेड रोड बनाने समेत कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भी कई फैसले लिए गए. आइए जानते हैं इन फैसलों के बारे में विस्तार से.
साउथ दिल्ली में एलिवेटेड रोड
दिल्ली सरकार ने साउथ दिल्ली में एक 6-लेन एलिवेटेड रोड बनाने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य इलाके में ट्रैफिक की भीड़ को कम करना और यात्रा को सुविधाजनक बनाना है. यह 5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड साकेत G ब्लॉक से पुल प्रहलादपुर तक जाएगी, और इसके निर्माण पर अनुमानित लागत ₹1471 करोड़ आएगी. इस परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है. इस रोड के बनने से साउथ दिल्ली के यातायात जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है.
मेट्रो फेज-IV का विस्तार
दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क को और अधिक व्यापक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-IV के तहत तीन नए महत्वपूर्ण कॉरिडोर के लिए अपनी हिस्सेदारी का फंड जारी कर दिया है. इस परियोजना की कुल लागत ₹14,630.80 करोड़ है, जिसमें से दिल्ली सरकार ने ₹3,386.18 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है. नए कॉरिडोर लाजपत नगर से साकेत G ब्लॉक, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ, और रिठाला से कुंडली तक होंगे, जिनसे दिल्लीवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री, डॉ. पंकज सिंह ने इस परियोजना को राजधानी की स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में एक अहम कदम बताया है. उनके अनुसार, इन नए कॉरिडोरों से न केवल सड़क यातायात का दबाव घटेगा, बल्कि यात्रा को अधिक सुगम, तेज़ और पर्यावरण-friendly बनाया जाएगा. मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से दिल्ली को एक सस्टेनेबल और भविष्य-उन्मुख शहर बनाने की दिशा में और अधिक प्रगति हो रही है.
दो नए कॉमन फैसिलिटी सेंटर का गठन
दिल्ली सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए दो नए कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने को भी मंजूरी दी है. ये केंद्र बादली और बवाना में बनाए जाएंगे और इनकी कुल लागत ₹60 करोड़ होगी. यह परियोजना 2025-26 में लागू होगी और इसका उद्देश्य छोटे व्यवसायों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे दिल्ली के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
DTC बसों के रूट रेशनलाइजेशन का ऐलान
दिल्ली सरकार ने वेस्ट रीजन में DTC बसों के रूट रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया की शुरुआत की है, जो 21 जनवरी 2026 से लागू होगी. इस रूट रेशनलाइजेशन के तहत कोई भी बस रूट बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि 15 साल पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा. इसके अलावा, DTC के बेड़े में अब तक 3600 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा चुकी हैं, और नवंबर 2026 तक 7000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें इस बेड़े का हिस्सा बनेंगी.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधाएं
मंत्री पंकज कुमार सिंह के अनुसार, दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी के सभी नागरिकों को बिना किसी बाधा के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराना है. रूट रेशनलाइजेशन और इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े के विस्तार के साथ दिल्ली में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुसार मॉडर्न बनाया जाएगा.
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