Air Chief Marshal AP Singh: आज की दुनिया में युद्ध सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है. तकनीक, रफ्तार और सटीक कार्रवाई अब युद्ध की पहचान बन चुकी है. इसी बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारत की सैन्य सोच और ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया है.
बुधवार, 21 जनवरी 2026 को उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनना है, तो सैन्य शक्ति पर फोकस करना अनिवार्य है. उनके बयान में आत्मविश्वास भी था और पड़ोसी पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश भी.
कुछ ही घंटों में दुश्मन को झुकाने की क्षमता
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज IAF सिर्फ एक रक्षा बल नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति बन चुकी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि चाहे सूडान जैसे संकटग्रस्त इलाकों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का ऑपरेशन हो या फिर आतंकियों और उनके ठिकानों पर सटीक हमला, भारतीय वायुसेना ने हर मोर्चे पर अपनी ताकत साबित की है.
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया ऑपरेशनों में पाकिस्तान के भीतर कई ठिकानों पर बेहद कम समय में कार्रवाई कर उन्हें घुटनों पर ला दिया गया. उनके अनुसार यह सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, तैयारी और इच्छाशक्ति का नतीजा था, जिसने हर बार भारत को सफलता दिलाई.
सिर्फ आर्थिक ताकत से सुरक्षित नहीं होता देश
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एयर चीफ ने एक अहम पहलू पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए केवल आर्थिक मजबूती पर्याप्त नहीं होती. उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य शक्ति ही किसी भी राष्ट्र की असली ताकत का अंतिम पैमाना होती है.
उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब भारत और चीन मिलकर दुनिया की करीब 60 प्रतिशत GDP को नियंत्रित करते थे, लेकिन इसके बावजूद भारत पर विदेशी शक्तियों ने कब्जा कर लिया और उसे उपनिवेश बना दिया. इससे यह साफ होता है कि आर्थिक समृद्धि तब तक अधूरी है, जब तक उसके साथ मजबूत सैन्य शक्ति न हो.
मजबूत सेना क्यों है अनिवार्य
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि हर देश के लिए एक सशक्त और सक्षम सेना होना बेहद जरूरी है. अगर किसी राष्ट्र के पास मजबूत सैन्य ताकत नहीं होती, तो वह आसानी से हमले का शिकार बन सकता है. उन्होंने वेनेजुएला और इराक जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सैन्य कमजोरी किसी देश को अस्थिरता की ओर धकेल सकती है.
उनका कहना था कि सैन्य शक्ति होना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उस शक्ति का सही समय पर इस्तेमाल करने की इच्छाशक्ति. केवल संयम दिखाना हमेशा समझदारी नहीं होती. अगर आप कमजोर हैं और संयम बरतते हैं, तो उसे कमजोरी माना जाता है. लेकिन जब आप मजबूत होते हैं और फिर संयम दिखाते हैं, तब वही संयम आपकी क्षमता और परिपक्वता का प्रतीक बन जाता है.
भारत का साफ संदेश
एयर चीफ का यह बयान सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि भारत की बदलती सैन्य सोच का प्रतिबिंब है. यह साफ संकेत है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने में भी सक्षम है. भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा.
बदलते युद्ध के इस दौर में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का संदेश साफ है, मजबूत सेना, मजबूत इच्छाशक्ति और सही समय पर कार्रवाई ही किसी भी राष्ट्र को सुरक्षित और सम्मानित बनाती है.
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