Shubham Pundir Century: रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम ने शानदार आत्मविश्वास और आक्रामक सोच के साथ शुरुआत की है. टीम के कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसी फैसला लिया, जो अब सही साबित होता दिख रहा है. पहली बार फाइनल खेल रही टीम ने दबाव में आने के बजाय बेखौफ क्रिकेट खेलते हुए अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है.
मैच की शुरुआत में ओपनर्स बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम ने जिम्मेदारी संभाली. टीम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे स्कोरबोर्ड लगातार आगे बढ़ता रहा. खास तौर पर मिडिल ऑर्डर ने कर्नाटक के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैच पर पकड़ मजबूत की.
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— SUMER (@sumersethi01) February 24, 2026
शुभम पुंडीर का ऐतिहासिक शतक
इस मैच के हीरो 27 वर्षीय बल्लेबाज शुभम पुंडीर रहे, जिन्होंने शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया. वे रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले बल्लेबाज बन गए. उनकी पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने 186वीं गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया. आमतौर पर बल्लेबाज ऐसे मौके पर सिंगल लेकर शतक पूरा करते हैं, लेकिन पुंडीर ने आक्रामक अंदाज में इसे खास बना दिया.
उन्होंने 186 गेंदों में 10 चौके और 2 छक्कों की मदद से यह शतक पूरा किया. यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का चौथा शतक है, जबकि रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों में यह उनका पहला शतक रहा.
दबाव से वापसी की शानदार कहानी
दिलचस्प बात यह है कि क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में पुंडीर का बल्ला ज्यादा नहीं चला था. उन दोनों मैचों की चार पारियों में वे सिर्फ 40 रन ही बना सके थे. लेकिन फाइनल जैसे बड़े मंच पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपनी काबिलियत साबित कर दी. यह इस सीजन में उनका दूसरा शतक भी है.
पहले दिन का खेल: मजबूत स्थिति में जम्मू-कश्मीर
शुभम पुंडीर की बेहतरीन पारी की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 284 रन बना लिए. पुंडीर 117 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि उनके साथ अब्दुल समद 52 रन पर टिके हुए हैं. दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है.
दूसरे दिन से उम्मीदें और बढ़ीं
पहले दिन के प्रदर्शन के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि जम्मू-कश्मीर की टीम दूसरे दिन भी इसी लय को बरकरार रखेगी. अगर बल्लेबाज इसी तरह खेलते रहे, तो टीम कर्नाटक के सामने बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है और खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है.
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