रायपुर, भारत 24 डिजिटल डेस्क: एक तरफ जहां पूरे देश में राम मंदिर में प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्साह का माहौल है तो वहीं, दूसरी तरफ लोग राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) के जरिए चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं. किसी ने कांच के शीशे पर श्रीरामचरितमानस को उकेरा, किसी ने रामलला के लिए पोशाक बनाई तो कोई अपने सिर पर लाखों की चरण पादुकाएं रखकर पैदल अयोध्या जा रहा है. इस बीच अब रामलला को उनके ननिहाल से भेजे गए चावलों का भोग लगाया जाएगा.
अयोध्या भेजे गए 3000 टन चावल
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए रामलला के ननिहाल छत्तीसगढ़ से करीब 3000 क्विंटल चावल अयोध्या भेजे गए हैं. इसी तीन हजार टन चावल से राम मंदिर में होने वाले भंडारे की शुरुआत की जाएगी. इन्हीं जवाफूल चावल (Jawaful Rice) से तैयार खीर का भोग रामलला को लगाया जाएगा. साथ ही, इसी चावल से बने भात का भोग भी लगेगा. इससे बना प्रसाद भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री मोदी व संत महात्मा समेत स्थापना पर मौजूद रहे तमाम लोगों को दिया जाएगा.
जवाफूल चावल महक के लिए मशहूर
बता दें कि छत्तीसगढ़ का जवाफूल चावल अपनी महक के लिए काफी मशहूर है. इससे बनी खीर काफी सुगंधित और स्वादिष्ट बनती है. इस किस्म के चावल की मांग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी की जाती है. ये चावल दिवासी किसानों द्वारा जंगल में साफ स्थानों पर उगाया जाता है. जवाफूल के अलावा छत्तीसगढ़ में सुगंधित चावल की और भी कई किस्में हैं, जैसे दुबराज, बादशाह, तरुण भोग आदि.