Ram Mandir: गर्भगृह में मंत्रोच्चार के बीच विराजमान हुए रामलला, प्रार्थना करते दिखें निर्माण में जुटे कर्मी

Ram Mandir: गर्भगृह में मंत्रोच्चार के बीच विराजमान हुए रामलला, प्रार्थना करते दिखें निर्माण में जुटे कर्मी

अयोध्या, भारत 24 डिजिटल डेस्क: अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) में भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है.  इसके लिए 22 जनवरी 2024 की तारीख तय की गई है. वहीं अब अयोध्या के भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा को स्थापित किया गया. एक दिन पहले देर रात को कड़ी सुरक्षा के बीच तिरपाल से ढके ट्रेक से रामलाला की प्रतिमाको रामजन्मभूमि परिसर लाया गया था.  इन सबके बीच गर्भगृह में विराजमान रामलला की पहली तस्वीर (Ram Lala First Photo) सामने आ गई है. 

प्रार्थना करते दिखें निर्माण में जुटे कर्मी

गर्भगृह से जो रामलला की पहली तस्वीर सामने आई है, उसमें देखा जा सकता है कि प्रतिमा को पिले रंग के कपड़े से लपेटा गया है. सामने राम मंदिर निर्माण में जुटे कर्मियों को हाथ जोड़कर प्रार्थना करते भी देखा जा सकता है. बता दें कि रामलला की इस प्रतिमा को कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने कृष्णशिला में तैयार किया है. अरुण योगीराज (Arun Yogiraj) वर्तमान में देश में सबसे अधिक डिमांड वाले मूर्तिकार हैं. अरुण की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सराहना कर चुके हैं. 

कौन हैं अरुण योगीराज? 

कर्नाटक के मैसूर जिले के रहने वाले 37 साल के अरुण योगीराज प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी के बेटे हैं. अरुण मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं. अरुण ने MBA की पढ़ाई की है और वह साल 2008 से पहले एक निजी फर्म में काम करते थे. लेकिन कहते हैं ना जो किस्मत में होता है वो होकर ही रहता है. कहा जाता है कि उनके दादा जी ने  भविष्यवाणी की थी कि अरुण बड़े मूर्तिकार बनेंगे और ये सच हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुण योगीराज ने केदारनाथ में स्थापित 12 फुट ऊंची आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का भी निर्माण किया था.