बिस्किट के पैकेटों से निकले गुब्बारे, फुलाते ही बुरी तरह बौखला गए लोग, बुलानी पड़ गई पुलिस, जानें मामला

Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम नागरिक से लेकर प्रशासन तक को हैरान कर दिया है. बच्चों के बिस्किट पैकेट में निकले पाकिस्तानी झंडे और ‘14 अगस्त जश्न-ए-आज़ादी’ जैसे गुब्बारों ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की आशंका को हवा दे दी है.

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Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम नागरिक से लेकर प्रशासन तक को हैरान कर दिया है. बच्चों के बिस्किट पैकेट में निकले पाकिस्तानी झंडे और ‘14 अगस्त जश्न-ए-आज़ादी’ जैसे गुब्बारों ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की आशंका को हवा दे दी है. यह घटना पहली नजर में मासूम बच्चों के खिलौने जैसा दिख सकती है, लेकिन इसकी तह में एक गहरी साजिश नजर आ रही है.

बिस्किट के साथ निकला पाकिस्तानी गुब्बारा

मामला झालावाड़ जिले के गंगधार उपखंड स्थित उन्हेल नागेश्वर कस्बे का है. एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने बच्चों के लिए आलोट रोड पर स्थित किराने की दुकान से बिस्किट खरीदे. घर पहुंचने के बाद बच्चों ने जैसे ही बिस्किट पैकेट से निकले गुब्बारे को फुलाया, तो उस पर पाकिस्तान का झंडा और "14 अगस्त जश्ने आज़ादी" जैसे शब्द छपे मिले. परिवार ने तुरंत पुलिस और पड़ोसियों को जानकारी दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

हिंदू संगठनों का आक्रोश

जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, हिंदू संगठनों ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. दुकान के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाज़ी की. संगठनों का कहना है कि यह कोई मामूली गलती नहीं, बल्कि एक सोची-समझी योजना है, जो बच्चों की मासूमियत का इस्तेमाल कर देश में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फैलाने का प्रयास कर रही है.

सप्लाई चेन तक पहुंची जांच

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संपूर्ण बिस्किट स्टॉक को जब्त कर लिया गया. दुकानदार प्रहलाद राठौर से पूछताछ के दौरान पता चला कि यह माल मध्य प्रदेश के आलोट से आया था, जिसे सप्लायर दिलीप पोरवाल ने भेजा था. पुलिस ने अब जांच का रुख सप्लाई नेटवर्क की ओर मोड़ दिया है. एक टीम को तत्काल आलोट भेजा गया है, जहां से इस संदिग्ध माल की शुरुआत हुई थी.

साज़िश या लापरवाही? जांच से खुलेगा राज

फिलहाल, यह कहना मुश्किल है कि यह मामला केवल लापरवाही का नतीजा है या सुनियोजित राष्ट्र विरोधी गतिविधि. लेकिन जिस तरह से बच्चों के उत्पादों में देशविरोधी संदेश छिपाए गए हैं, उसने जांच एजेंसियों और सुरक्षा विभाग को सतर्क कर दिया है. आरोपी सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना के पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है या नहीं.

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