Railway Budget In MP: मध्य प्रदेश में रेलवे विकास को लेकर आने वाला समय बेहद अहम साबित होने वाला है. केंद्र सरकार ने राज्य को रेलवे के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट देकर साफ संकेत दे दिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के मामले में प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी है. इस भारी-भरकम आवंटन से न सिर्फ अधूरे प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, बल्कि नए रेल कॉरिडोर और आधुनिक सुविधाओं की राह भी खुलेगी.
15,188 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस बार मध्य प्रदेश को 15,188 करोड़ रुपये का रेलवे बजट आवंटित किया गया है. यह राशि पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना में करीब 24 गुना अधिक है. इस बजट के बाद राज्य में चल रही और प्रस्तावित रेलवे परियोजनाओं की कुल लागत अब 1.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है.
डबलिंग से लेकर स्टेशन री-डेवलपमेंट तक होंगे बड़े काम
रेल मंत्री के अनुसार, इस बजट से मध्य प्रदेश में रेलवे से जुड़े कई अहम काम किए जाएंगे. इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, मौजूदा लाइनों की डबलिंग और ट्रिपलिंग, स्टेशनों का पुनर्विकास और नए स्टेशनों का निर्माण शामिल है. इसके साथ ही माल ढुलाई की क्षमता को बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उद्योगों और व्यापार को सीधा फायदा मिल सके.
शत-प्रतिशत विद्युतीकरण से घटेगी लागत
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. इससे न सिर्फ रेलवे की परिचालन लागत में कमी आएगी, बल्कि ट्रेनों की गति और समय पालन में भी सुधार देखने को मिलेगा. पर्यावरण के लिहाज से भी यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है.
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन बनेगी गेम चेंजर
इंदौर और मनमाड़ के बीच बिछाई जा रही रेल लाइन पर सरकार का खास फोकस है. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, क्योंकि इसके पूरा होने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्री और माल परिवहन दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा. इस रेल लाइन से औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी.
ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर से बदलेगी आर्थिक तस्वीर
ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट ट्रेड कॉरिडोर को लेकर भी रेल मंत्री ने अहम जानकारी दी. यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल से शुरू होकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा. इसके बनने से रेलवे के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा और मध्य प्रदेश में एक मजबूत इकोनॉमिक कॉरिडोर का विकास होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
इंदौर-बुधनी और इंदौर-खंडवा लाइनों पर भी तेज़ी
रेल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मध्य प्रदेश में चल रहे सभी रेलवे प्रोजेक्ट्स पर सरकार की नजर बनी हुई है और कामों की रफ्तार लगातार बढ़ाई जा रही है. नए बजट के बाद इंदौर-बुधनी और इंदौर-खंडवा जैसी अहम रेल लाइनों पर भी कार्य में और तेजी आने की संभावना है. इससे प्रदेश के दूरदराज इलाकों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
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