लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रेलवे का भविष्य अब सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर तेज़ी से उतरता दिख रहा है. केंद्र सरकार के नए बजट में प्रदेश को जो प्राथमिकता मिली है, उसने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में यूपी देश के रेलवे मानचित्र पर और मजबूत होकर उभरेगा. आधुनिक स्टेशनों, हाई-स्पीड कॉरिडोर और अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक के साथ रेलवे एक नए युग में प्रवेश कर रहा है.
बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में रेलवे विकास के लिए इस बार 20,012 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 18 गुना अधिक है. यह आंकड़ा अपने आप में प्रदेश के लिए रिकॉर्ड है. फिलहाल उत्तर प्रदेश में करीब 92,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाई पर ले जाना है.
शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और हाई-स्पीड रेल का सपना
प्रदेश में रेलवे विद्युतीकरण का काम अब पूरी तरह से पूरा हो चुका है, जिससे न केवल परिचालन लागत कम होगी बल्कि पर्यावरण को भी राहत मिलेगी. बजट में स्वीकृत सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो उत्तर प्रदेश को मिले हैं. इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज 3.55 घंटे में तय की जा सकेगी, जो यात्रियों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है.
अमृत भारत स्टेशनों से बदलेगा रेल सफर का अनुभव
रेल मंत्री ने वर्चुअल प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश में 157 अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तेजी से चल रहा है. इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री आवागमन और आकर्षक स्वरूप के साथ विकसित किया जा रहा है. उन्होंने इस कार्य में प्रदेश सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से ही यह परिवर्तन संभव हो पा रहा है.
पूर्वोत्तर रेलवे को रिकॉर्ड बजट
रेल मंत्री की प्रेस वार्ता के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड को सेवित करने वाले पूर्वोत्तर रेलवे को रिकॉर्ड बजट आवंटन मिला है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी परियोजनाएं प्राथमिकता के आधार पर समय से और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएंगी. नई रेल लाइन, तीसरी लाइन और दोहरीकरण के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि यातायात क्षमता बढ़ाई जा सके.
जंगल क्षेत्रों में एआई तकनीक से हाथियों की सुरक्षा
रेलवे अब केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है. महाप्रबंधक ने बताया कि इज्जतनगर के वन क्षेत्र से गुजरने वाली रेल लाइनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एलीफेंट प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा. यह सिस्टम लोको पायलटों को समय रहते सतर्क करेगा, जिससे हाथियों और ट्रेनों के बीच होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा.
गोरखपुर जंक्शन का नया एफओबी दीपावली तक तैयार
महाप्रबंधक ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत कुल 58 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है. इनमें से 13 स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा चुका है. लखीमपुर, गुरसहायगंज, लखनऊ सिटी और खलीलाबाद स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर तेजी से काम चल रहा है. गोरखपुर जंक्शन पर बन रहा नया फुट ओवरब्रिज दीपावली तक तैयार कर लिया जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
वंदे भारत नेटवर्क का विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे में फिलहाल 243 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस और 119 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. इसके साथ ही यहां से होकर 7 जोड़ी सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत और 9 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं. महाप्रबंधक ने संकेत दिए कि आने वाले समय में गोरखपुर से स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी चलाई जा सकती है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और अधिक आरामदायक हो जाएगी.
समय पालन पर रेलवे की सख्त निगरानी
ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर पूछे गए सवाल पर महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि कोहरे की वजह से कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, लेकिन समय पालन पर कड़ी नजर रखी जा रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही ट्रेनों का संचालन पूरी तरह पटरी पर लौट आएगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा.
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