पुतिन को बड़ा झटका! जिगरी दोस्त और KGB जासूस की मौत बनी रहस्य, क्रेमलिन ने साधी चुप्पी

Sergei Ivanov Death: रूस के पूर्व रक्षा मंत्री और सोवियत दौर के पुराने खुफिया अधिकारी सर्गेई इवानोव का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. क्रेमलिन ने उनके निधन की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक मौत की वजह सार्वजनिक नहीं की गई है.

Putin Death of close friend and KGB spy Sergei Ivanov shrouded in mystery Kremlin
Image Source: Social Media/ X/ File

Sergei Ivanov Death: रूस के पूर्व रक्षा मंत्री और सोवियत दौर के पुराने खुफिया अधिकारी सर्गेई इवानोव का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. क्रेमलिन ने उनके निधन की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक मौत की वजह सार्वजनिक नहीं की गई है.

पुतिन के पुराने साथी थे इवानोव

सर्गेई इवानोव को सोवियत काल में एक तेज और सफल अधिकारी माना जाता था. कई लोग उन्हें “जेम्स बॉन्ड” जैसी छवि वाला अफसर भी कहते थे, क्योंकि वे अपने काम को पूरा करने के लिए जाने जाते थे.

व्लादिमीर पुतिन और इवानोव की दोस्ती बहुत पुरानी थी. दोनों 1970 के दशक में लेनिनग्राद (आज का सेंट पीटर्सबर्ग) में KGB में साथ काम करते थे. धीरे-धीरे दोनों के बीच भरोसा और करीबी बढ़ती गई.

सरकार में अहम जिम्मेदारियां

जब पुतिन 2000 में राष्ट्रपति बने, तो उन्होंने इवानोव को सुरक्षा परिषद का सचिव बनाया. इसके बाद 2001 में उन्हें रूस का रक्षा मंत्री बनाया गया. इस पद पर वे 2007 तक रहे. इस दौरान चेचन्या युद्ध जैसे बड़े सैन्य अभियान भी उनकी देखरेख में हुए.

उत्तराधिकारी माने जा रहे थे

2008 में जब पुतिन राष्ट्रपति पद छोड़कर प्रधानमंत्री बने, तब इवानोव को उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जाने लगा था. लेकिन बाद में यह जिम्मेदारी दिमित्री मेदवेदेव को दी गई. कुछ जानकारों का मानना है कि पुतिन को डर था कि इवानोव बहुत मजबूत नेता बन सकते हैं और आगे चलकर सत्ता पर दावा कर सकते हैं.

बाद में कम अहम भूमिका मिली

इसके बाद इवानोव उप प्रधानमंत्री और फिर क्रेमलिन के चीफ ऑफ स्टाफ रहे. 2016 के बाद उन्हें एक कम महत्वपूर्ण पद पर भेज दिया गया, जिसे आम तौर पर सम्मानजनक रिटायरमेंट माना जाता है. इस साल की शुरुआत में उन्होंने यह पद भी छोड़ दिया था. यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने उन पर भी प्रतिबंध लगाए थे.

पुतिन और लुकाशेंको की मुलाकात

इसी बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की भी मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बात की. यह बैठक रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के बीच हुई है. माना जा रहा है कि इसमें युद्ध से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

बेलारूस और यूक्रेन के बीच तनाव

बेलारूस का कहना है कि वह किसी युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रहा है, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल रूस की सैन्य गतिविधियों के लिए हो रहा है. हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों देशों के बीच बयानबाजी जारी है.

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