Alexei Navalny Death: रूस के विपक्षी नेता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक एलेक्सी नवलनी की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने मिलकर एक बयान जारी किया है. इन देशों का दावा है कि नवलनी को एक बेहद खतरनाक ज़हर “एपिबैटिडीन” दिया गया था.
यूरोपीय देशों के मुताबिक नवलनी के शरीर से लिए गए सैंपल की वैज्ञानिक जांच में इस ज़हर के निशान मिले हैं. एपिबैटिडीन दक्षिण अमेरिका के कुछ जंगली मेंढकों से निकाला जाने वाला रासायनिक पदार्थ माना जाता है, जो बहुत जहरीला होता है. इन देशों का कहना है कि इस तरह के ज़हर का इस्तेमाल करना आसान नहीं है और इसके लिए बड़े संसाधन, तैयारी और अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी करने की क्षमता चाहिए.
रूस पर नियम तोड़ने का आरोप
संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस तरह के हमले के पीछे रूसी राज्य की भूमिका होने की आशंका है. यूरोपीय देशों ने रूस पर केमिकल वेपन्स से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि इस मामले को रासायनिक हथियार निषेध संगठन के सामने उठाया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय जांच हो सके.
आर्कटिक जेल में हुई थी नवलनी की मौत
एलेक्सी नवलनी फरवरी 2024 में आर्कटिक क्षेत्र की एक सख्त जेल कॉलोनी में मृत पाए गए थे. वे उस समय 19 साल की सजा काट रहे थे, जिसे उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया था. नवलनी रूस में भ्रष्टाचार और सत्ता के खिलाफ खुलकर बोलते रहे थे, जिस वजह से वे लंबे समय से सरकार के निशाने पर थे.
पत्नी ने पहले ही जताई थी साजिश की आशंका
नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया पहले भी दावा कर चुकी हैं कि उनके पति को ज़हर दिया गया था. उन्होंने रूस की सत्ता पर गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि उनके पति की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे साजिश है.
रूस की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
यूरोपीय देशों के इन नए आरोपों पर रूस सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है. लेकिन इन दावों के बाद रूस और यूरोप के रिश्तों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
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