चंडीगढ़: पंजाब के लोग अब 2026 से राज्य सरकार की ओर से एक शानदार तोहफा पा सकेंगे. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 25 दिसंबर, गुरुवार को 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' को मंजूरी दी, जिसके तहत हर पंजाब के परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. यह योजना राज्य के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, क्योंकि यह न केवल उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके आर्थिक बोझ को भी कम करेगी.
10 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सभी पंजाबवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना है. अब पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा, जहां हर परिवार को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का अधिकार मिलेगा. यह योजना राज्य के हर परिवार को न सिर्फ चिकित्सा सहायता, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करेगी.
कहाँ मिलेगा मुफ्त इलाज?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब और चंडीगढ़ के सभी सूचीबद्ध सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी. इसमें प्रमुख बीमारियों, सर्जरी, गहन देखभाल और जीवन रक्षक उपचार शामिल होंगे. यह योजना पंजाब के हर निवासी के लिए चिकित्सा सुरक्षा का एक मजबूत आधार बनेगी, और खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत का कारण बनेगी जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते.
रजिस्ट्रेशन और हेल्थ कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 8 जनवरी, 2026 से शुरू होंगे. मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना का लाभ लेने के लिए पंजाब का आधार कार्ड या वोटर आईडी होना अनिवार्य होगा. यह हेल्थ कार्ड आसानी से नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से बनवाया जा सकता है, जिससे लोग आसानी से इस योजना का हिस्सा बन सकेंगे.
प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवर
यह योजना सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही कवर नहीं करती, बल्कि प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन का कवर भी उपलब्ध कराती है. इसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के सभी इलाज, दवाइयां और सर्जरी को भी शामिल किया गया है. इस प्रकार, इस योजना के तहत लोग इलाज के पूरे प्रक्रिया के दौरान बिना किसी वित्तीय दबाव के चिकित्सा सेवा प्राप्त कर सकेंगे.
कौन होगा इस योजना का पात्र?
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत, पंजाब के सभी निवासी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, चाहे उनकी आय कितनी भी हो. सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी भी इस योजना में शामिल होंगे. इससे यह साबित होता है कि यह योजना सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है, और इसका उद्देश्य हर नागरिक को स्वास्थ्य के बेहतर अवसर प्रदान करना है. हालांकि, इसके लिए पंजाब की स्थायी नागरिकता आवश्यक है.
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